द्वारिकापुरी फेज-2 स्थित आईटीआई निदेशालय की महिला लिपिक अमिता वर्मा के घर में घुसकर चोरों ने लाखों रुपए के जेवरात और नगदी उड़ा ली। चोरों ने पांच कमरों को खंगालने के बाद रसोई में खाना बनाकर खाया और छिला हुआ प्याज छोड़कर चले गए। घटना से पहले लिपिक का परिवार मकान में ताला डालकर जयपुर गया था। पड़ोसियों की सूचना पर मुखानी पुलिस ने मौके का मुआयना कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
द्वारिकापुरी फेज-2 आरटीओ कार्यालय के पास रहने वाले भगवानदास वर्मा अपनी पत्नी लिपिक अमिता वर्मा और बड़ी बेटी पूजा के साथ एक अप्रैल को जयपुर (राजस्थान) गए थे। वहां भगवानदास वर्मा की छोटी बेटी कामाक्षी बनस्थली से बीएससी कर रही है। बेटी के कालेज में परिवार के लोग वार्षिक समारोह देखने गए थे। जाने से पहले लिपिक ने पड़ोसियों को मकान देखने के लिए कहा था। शुक्रवार शाम पड़ोसी विजय पांडेय ने लिपिक के छत का दरवाजा खुला देखा और फोन कर अमिता वर्मा को सूचना दी। पड़ोसियों ने मुखानी पुलिस को भी सूचित कर दिया। पुलिस ने छत के रास्ते से मौका मुआयना किया।
शनिवार को घर लौटने पर पता चला कि चोरों ने दो कमरों की अलमारियों और दो दीवान को खंगाला था। चोरों ने रसोई में खाना बनाकर खाया भी था। वहां कटा प्याज और नमक पड़ा था। महिला लिपिक ने बताया कि उनके पति अल्मोड़ा डिग्री कालेज से रिटायर्ड हैं। चोर अलमारियों से चार हजार रुपए नगद, तीन अंगुठी, दो जोड़ी झुमके, दो जोड़ी पायल, दो मंगलसूत्र, टाप्स, सोने के टुकड़े, मटर माला सहित करीब दस तोले सोने के जेवरात, साड़ी और अन्य कपड़े ले गए हैं।
बेटी की शादी के लिए जोड़े थे जेवर
लिपिक अमिता वर्मा ने बताया कि उनकी बड़ी बेटी देहरादून में जॉब करती है। उसकी शीघ्र ही शादी करने की बात चल रही है। बेटी की शादी के लिए ही वह जेवरात और कपड़े जोड़ रही थीं, लेकिन चोरों ने कुछ नहीं छोड़ा। पड़ोसी महिलाओं का कहना था कि 25 सालों के अंदर इस कालोनी में कभी चोरी की घटना नहीं हुई थी।