शहर में नकाबपोश लुटेरिनों के सक्रिय होने की अमर उजाला ने जो आशंका व्यक्त की गई थी वह सच निकली। शनिवार सुबह तल्लीताल स्थित रोडवेज बस स्टेशन में एक महिला का मंगलसूत्र लूटा तो गिरोह की पोल खुल गई। पुलिस ने चार घंटे में ही तीन नकाबपोश महिलाओं को पकड़ लिया।
उनके पास लूटा गया मंगलसूत्र भी बरामद हुआ। तीनों ने बताया कि उन्होंने ही 28 जून को हल्द्वानी में रोडवेज बस में महिलाओं के जेवर और पर्स उड़ाए थे। इंद्रानगर काठगोदाम की नीलम देवी अपने देवर पवन के साथ नैनीताल घूमने आई थी। पौने बारह बजे दोनों रोडवेज स्टेशन पहुंचे।
पवन टिकट लेने काउंटर पर गया था। नीलम बस का इंतजार कर रही थी। अचानक तीन महिलाएं वहां पहुंची और झपट्टा मारकर नीलम का मंगलसूत्र लूट लिया। दो महिलाएं बुर्काधारी और एक सलवार सूट पहने थी। नीलम ने हल्ला मचाया तो आसपास से अन्य यात्री आ गए मगर तक तक तीनों भाग गईं।
नीलम ने तत्काल पुलिस को सूचना दी तो मुकदमा दर्ज कर प्रशिक्षु उपनिरीक्षक मनसा ध्यानी को मामले की जांच सौंपी गई और महिलाओं की धरपकड़ के लिए तल्लीताल के थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस को सूचना मिली कि तल्लीताल स्थित जल संस्थान के पास गार्डन की झाड़ियों में तीन महिलाएं छुपी हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने तीनों को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान नीलम ने तीनों की शिनाख्त कर ली। बुर्का पहनी एक महिला ने अपना नाम अरसी उर्फ जरीन पत्नी मोहम्मद आरिफ निवासी इंद्रानगर थाना किच्छा ऊधमसिंह नगर बताया।
उसके पास मंगलसूत्र में पिरोए गए सोने के दो दाने और एक पैंडल बरामद हुआ। बुर्काधारी दूसरी महिला ने अपना नाम परवीन पत्नी रुकसार हसन निवासी इंद्रानगर थाना किच्छा ऊधमसिंह नगर बताया। उसके पास भी सोने के दो दाने और 260 रुपये बरामद हुए।
तीसरी ने अपना नाम गुलफसा पत्नी इकरार निवासी जामा मस्जिद के पास गली नंबर चार मुरादाबाद यूपी बताया। पुलिस ने उसके पास से भी सोने के दो दाने और 190 रुपये बरामद किए।
लूट के तुरंत बाद कर लिया माल का बंटवारा
एएसपी हरीश चंद्र सती ने बताया कि मंगलसूत्र लूट की घटना को अंजाम देने के चंद घंटे के भीतर ही महिलाओं ने लूटे गए मंगलसूत्र को तोड़कर उसमे मौजूद पैंडल और दानों का भी बंटवारा कर लिया था।
गिरोह में और भी लोग हैं शामिल
एएसपी हरीश चंद्र सती ने बताया कि पूछताछ के तीनों ने 28 जून की शाम हल्द्वानी में रोडवेज बस में हुई लूट की घटना में शामिल होने की बात भी कबूल की है। उनका कहना है कि इसमें उनके अन्य साथियों ने भी मदद की।
हालांकि पुलिस अभी उनका नाम नहीं खोल रही है। उन्होंने बताया कि तीनों महिलाओं के आपराधिक इतिहास के बारे में राज्य के विभिन्न थानों के साथ-साथ अन्य प्रांतों की पुलिस से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
इधर जैसे ही तीनों महिलाओं के पकड़े जाने का पता चला तो वे महिलाएं भी थाने पहुंच गईं जो हल्द्वानी बस स्टेशन में लूट का शिकार हुई थी। एएसपी ने इन पीड़ित महिलाओं को बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस टीम को मिलेगा इनाम
मंगलसूत्र लूट की घटना का चार घंटे के भीतर खुलासा करने वाली पुलिस टीम को साढ़े तीन हजार रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी ने ढाई हजार और एएसपी हरीश चंद्र सती ने एक हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है।
टीम में थानाध्यक्ष प्रमोद पाठक, उपनिरीक्षक मनवर सिंह, उपनिरीक्षक मनसा ध्यानी, कांस्टेबल शिवराज राणा, चंद्रशेखर, महिला कांस्टेबल सुमन राणा, अनीता ठगुन्ना, हेड कांस्टेबल सुरेश सिंह राणा, कांस्टेबल गिरीश रावत, राकेश जोशी, उमेश सती, भूपेंद्र सिंह आदि शामिल थे।