जिला कारागार कौशाम्बी में शनिवार की सुबह बंदीरक्षक बिजली के करंट की चपेट में आकर झुलस गया। सुबह जेल परिसर में लगी सर्च लाइट में आई खराबी को दुरुस्त कर रहा है। बंदीरक्षक की चीख सुन जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन बंदी रक्षक को जिला अस्पताल लाया गया। जहां उसका उपचार चल रहा है।
गाजीपुर जिले के पदुमपुर गांव का बृजेश यादव (30) पुत्र भरन यादव जिला कारागार कौशाम्बी में बंदीरक्षक है। बताया जा रहा है कि इन दिनों उसे परिसर में लगी सर्च लाइट को चलाने और बंद करने की जिम्मेदारी दी गई है। शुक्रवार रात एक टावर की सर्च लाइट खराब हो गई थी। सुबह वह सर्च लाइट में आई तकनीकी खराबी को ठीक कर रहा था। इसी दौरान अर्थ और फेस एक हो गया और फाल्ट से केबल में आग लग गई।
जब तक बंदीरक्षक कुछ समझ पाता करंट की चपेट में आकर झुलस गया। बंदीरक्षक की चीख सुन कारागार में अफरा-तफरी मच गई। मौके पर जेलर के साथ साथी बंदीरक्षक भागकर पहुंचे और बृजेश को बचाते हुए आनन-फानन जिला अस्पताल ले गए। बंदीरक्षक का उपचार चल रहा है। जेलर राजीव सिंह ने बताया कि फाल्ट से हादसा हुआ है। बंदीरक्षक की हालत ठीक है।