अपने कैप्टन दोस्त के साथ पार्टी से लौट रहे सेना के एक मेजर ने शनिवार दोपहर ठंडी सड़क पर दो बाइक और तीन लोगों को टक्कर मार दी। विरोध करने पर मेजर ने लोगों से हाथापाई भी की। इससे नाराज लोगों ने उनकी कार के शीशे तोड़ दिए। मौके पर 20 मिनट तक जमकर हंगामा हुआ।
पुलिस ने कार को कब्जे में लेकर मेजर को हिरासत में ले लिया। बाद में थाने पहुंचे उनके ससुर के माफी मांगने पर समझौता हो गया। इसके बाद पुलिस ने मेजर को छोड़ दिया। गोरा पड़ाव निवासी मेजर विनोद कुमार जम्मू-कश्मीर में राजौरी सीमा पर तैनात हैं। इन दिनों वह छुट्टी में घर आए हुए हैं।
शनिवार को उनके रामपुर रोड निवासी कैप्टन मित्र ने उन्हें शीशमहल में पार्टी दी। मेजर अपने मित्र के साथ ही शीशमहल कार से गए थे। कार में दोनों की पत्नियां भी साथ थीं। पार्टी से लौटते वक्त ठंडी सड़क पर कार ड्राइव कर रहे मेजर ने भोटिया पड़ाव निवासी परविंदर सिंह, वकील संतोष नेगी और मनोज उप्रेती को टक्कर मारकर घायल कर दिया। इसके बाद दो बाइकों को भी टक्कर मारी और कार की रफ्तार तेज कर दी।
इस बीच, लोगों के शोर मचाने पर गुरशरण सिंह प्रिंस नामक व्यक्ति ने बाइक से पीछा कर मेजर को एसडीएम कोर्ट के पास रोक लिया। यहां विरोध करने पर मेजर ने एक वकील के साथ हाथापाई कर दी। इसके बाद आक्रोशित लोगों ने मेजर की कार के शीशे तोड़ दिए। घटना के बाद दोनों अधिकारियों की पत्नियां रोने लगीं।
मौके पर पहुंची पुलिस कार को कब्जे में लेने के साथ ही मेजर और कैप्टन को थाने ले आई। पुलिस ने मेजर को बेस अस्पताल में मेडिकल कराया। इधर, घायलों के साथ काफी संख्या में लोग मुकदमा दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग को लेकर थाने पहुंच गए।
दुर्घटना की जानकारी मिलने पर मेजर के ससुर थाने पहुंचे और आक्रोशित लोगों से माफी मांगी। इसके बाद आईटीआई कार्यकर्ता गुरविंदर सिंह चड्ढा की पहल पर दोनों पक्षों के बीच समझौता हुआ। समझौते में मेजर ने भविष्य में कभी शराब पीकर ड्राइव न करने की बात कही है।