रिटायर्ड सूबेदार के बेटे की शादी समारोह में शनिवार की आधी रात कैटरर हेड की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने मौके से लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद करने के बाद आरोपी कैटरिंग संचालक को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में पता चला कि शादी में खाना नहीं बनाने को लेकर कैटरर हेड से विवाद हुआ था।
आरोप है कि कैटरिंग संचालक की लाइसेंसी रिवाल्वर से ही गोली मारी गई है। घटना के बाद मौके पर उपस्थित लोग चलते बने और शादी का जश्न फीका पड़ गया । सरस्वती बिहार कालोनी निवासी रिटायर्ड सूबेदार एमसी जोशी के बेटे मुकेश जोशी की शादी थी। शादी समाप्त होने के बाद कुछ लोग खाना खाने के लिए बच गए थे।
इस बीच दूल्हे के पिता ने कैटरर हेड सुरेश राम से खाना तैयार करने के लिए कहा, लेकिन सुरेश ने खाना बनाने से मना कर दिया। इस मामले में रिटायर्ड सूबेदार ने कैटरिंग संचालक दीपक भट्ट से शिकायत की। दीपक ने खाना बनाने के लिए कहा तो कैटरर हेड अड़ गया और देर रात खाना बनाने के लिए तैयार नहीं हुआ। दोनों के बीच विवाद इतना तूल पकड़ा कि गोली चल गई। गोली सुरेश के बाएं जबड़े को चीरती हुई अंदर घुस गई।
समझा जाता है कि दिमाग में गोली फंसने के बाद वह अचेत होकर देर तक मौके पर पड़ा रहा। देर बाद सूचना मिलने पर मुखानी थानाध्यक्ष संजय पांडेय मौके पर पहुंचे। पुलिस तत्काल कैटरर हेड को लेकर बेस अस्पताल आई तो डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हत्या की सूचना मिलने पर एसएसपी सेंथिल अबुदई, एसपी सिटी ने मौके का मुआयना किया।
पुलिस ने मौके से बरामद रिवाल्वर के आधार पर कैटरिंग के संचालक छड़ैल निवासी दीपक भट्ट को पकड़ लिया। पुलिस रिटायर्ड सूबेदार के साथ तीन लोगों को पकड़कर थाने लाई। रिटायर्ड सूबेदार का कहना था कि फायरिंग के समय वह अपने घर चला गया था। फायरिंग की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंचे थे।
देर रात सुरेश के परिजनों को नहीं दी गई सूचना
पुलिस की देर रात तक तहकीकात के चलते छड़ैल नायक निवासी कैटरर हेड सुरेश के परिवार को मौत की सूचना नहीं दी गई थी। परिजन उसके देर रात घर आने का इंतजार कर रहे थे। इसी कारण घटना के बाद सुरेश के पड़ोसी भी अस्पताल या मौके पर नहीं आए। घटना के बाद कैटरिंग में लगे साथी भी डर के चलते भाग खड़े हुए थे। सभी को डर था कि पुलिस उनसे पूछताछ करेगी।
एक लाख 10 हजार में हुआ था कैटरिंग का ठेका
रिटायर्ड सूबेदार एमसी जोशी का कहना था कि उन्होंने दीपक भट्ट को कैटरिंग का एक लाख 10 हजार में ठेका दिया था। इसमें 50 हजार रुपए उन्होंने एडवांस दिया था।