कालाढूंगी से हल्द्वानी इंद्रानगर आई बारात में दहेज की कथित मांग पर दूल्हे को शादी के मंडप की जगह थाने पहुंचा दिया। दूल्हे के बगैर दुल्हन पक्ष के यहां पहुंचे बारातियों ने जमकर दावत उड़ाई।
ऐन वक्त दहेज में कार की मांग होने पर दुल्हन पक्ष ने शादी ठुकरा दी। घंटों तक बारातियों और घरातियों में हंगामा हुआ। मामला थाने पहुंचा। दूल्हे की मौजूदगी में वर पक्ष ने दुल्हन पक्ष को पौने तीन लाख रुपये का हर्जाना दिया।
नूरी मस्जिद इंदिरानगर निवासी मोहम्मद यासीन ने बताया उनकी बेटी अंजुम का विवाह कालाढूंगी वार्ड नंबर तीन निवासी मोहम्मद इसरार के साथ करीब छह माह पूर्व तय हुआ।
रविवार को तय समयानुसार शनि बाजार स्थित एक बैंकट हाल में विवाह होना था। बारात दोपहर करीब सवा दो बजे दूल्हे के बगैर बैंकट हाल पहुंची। बाराती खाने पीने में टूट पड़े।
बारात में दूल्हे को नहीं देख दुल्हन पक्ष के लोग कुछ समझ नहीं पाए। बारातियों के दावत उड़ाने के बाद दूल्हे के नजदीकी रिश्तेदारों ने दहेज में कार की मांग कर दी।
रिश्तेदारों ने बताया कि दूल्हे ने फोन कर कार की मांग की है। मांग पूरी होने पर ही शादी के मंडप में आने की बात कही है। दहेज की बात सुनकर ही दुल्हन पक्ष के लोग उखड़ गए।
दुल्हन के पिता ने बताया कि पहले ही दहेज में अपनी हैसियत के मुताबिक बाइक और अन्य कीमती सामान दे रहे थे। ऐन वक्त दहेज में कार की मांग कर दूल्हे पक्ष ने उनका मजाक उड़ाया है।
दुल्हन पक्ष की तरफ से नाराजगी जताने पर दूल्हा पक्ष ने शादी नहीं करने की धमकी दी। इसी पर दूल्हा और दुल्हन पक्ष के बीच हंगामा हो गया।
कई घंटे हंगामा होने के बाद मामला कोतवाली पहुंचा। पुलिस ने दूल्हा इसरार और उसके जीजा मोहम्मद शहजाद को थाने में बैठा दिया।
दोनों पक्ष के लोगों का थाने में ही जमावड़ा लग गया। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच समझौता का प्रयास हुआ, लेकिन शादी टूट गई।
दुल्हन के पिता ने शादी की तैयारी और बारातियों की उड़ाई दावत का हर्जाना मांगा। काफी जद्दोजहद के बाद दूल्हा पक्ष पौने तीन लाख रुपये हर्जाना देने को राजी हुआ, जिसके बाद मामला शांत हुआ।
दूल्हे ने दहेज मांगने के आरोप को बेबुनियाद बताया है। कोतवाल आर एस मेहता ने बताया दोनों पक्षों को कोतवाली लाया गया, जहां लड़के पक्ष द्वारा पौने तीन लाख रुपये देने की बात पर समझौता हो गया है।