गौला के जंगल (हल्दूचौड़) के पास कई बार सेटेलाइट फोन चला है। इसके बाद खुफिया एजेंसियों से लेकर पुलिस तक में खलबली मच गई। बाद में आईबी, पुुलिस और वन विभाग की टीमों ने कांबिंग की।
इसमें जंगल में एक झोपड़ी, लाल झंडा मिलने की बात कही जा रही है। मौके पर कोई नहीं मिला है। यह आपरेशन इतना गोपनीय रखा गया कि किसी को कानो कान तक खबर नहीं हुई।
सूत्रों के मुताबिक हल्दूचौड़ में नदी के दूसरी तरफ स्थित गौला के जंगल में दो दिन लगातार 10 और 14 सितंबर को सेटेलाइट फोन से संपर्क किया गया।
फोन चलने और लगातार संपर्क करने की कोशिश को सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रेस किया। क्योंकि कुछ दूरी पर ही आईटीबीपी का सेंटर भी है, इससे प्रकरण संवेदनशील हो गया।
इनपुट के आधार पर आईबी, पुलिस और वन विभाग के चुनिंदा कर्मियों की टीम बनाकर जंगल में कांबिंग की गई। इसमें एक लोकेशन पर झोपड़ी और लाल झंडा गश्ती टीम को मिलने की बात कही जा रही है।
कोई भी व्यक्ति मौके पर नहीं मिला है। आखिरकार घने जंगल में किसने सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल किया, वह शिकारी था, तस्कर था या कोई और बड़े उद्देश्य को लेकर घुसा घुसपैठिया था, इसका जवाब तलाशने में टीमें लगी हैं।