वन विभाग और केंद्र की वाइल्ड लाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) की टीम ने रनसाली जंगल में छापा मारकर पांच शिकारियों को पकड़ा है। इनके पास से बाघ समेत दूसरे वन्यजीवों को मारने में प्रयोग आने वाले कड़के, बंदूक आदि को बरामद किया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। पकड़े गए लोग लुधियाना जिले के बताए जा रहे हैं।
उत्तराखंड के जंगलों में बाघों की संख्या में अच्छा इजाफा हुआ है। ऐसे में एक बार फिर बाघ शिकारियों के निशाने पर हैं। जानकारों के मुताबिक डब्ल्यूसीसीबी के डिप्टी डायरेक्टर निशांत वर्मा को शिकारियों के मूवमेंट की सूचना मिली। इसके बाद डब्ल्यूसीसीबी टीम ने तराई पूर्वी वन प्रभाग के अधिकारियों से सूचना साझा की, फिर तराई पूर्वी वन प्रभाग डीएफओ डा. पराग मधुकर धकाते और प्रशिक्षु डीएफओ चंद्रशेखर जोशी के निर्देशन में धरपकड़ का अभियान चलाने की योजना बनी। प्रशिक्षु डीएफओ चंद्रशेखर जोशी, डब्ल्यूडब्ल्यूसीबी इंस्पेक्टर कौशिक मंडल के साथ एक टीम को शिकारियों के पीछे लगाया गया। डीएफओ धकाते ने बताया कि टीम ने रनसाली जंगल में पांच शिकारी सरजीत, मंगत राम, मुंशी, बाबू मियां और अंजुम को पकड़ा है।
इनके पास से वन्यजीवों को फंसाकर मारने के लिए कई कड़के, बंदूक आदि बरामद किया है। इसमें सरजीत, मंगत राम, मुंशी लुधियाना के तेजपुर रोड के रहने वाले हैं, जबकि बाबू मियां और अंजुम प्रिंस विहार रुद्रपुर के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वन्यजीवों के संरक्षण के लिए काम करने वाली इफेक्ट संस्था के अभिषेक ने भी आपरेशन में मदद की।