तहसील कोश्याकुटौली के ग्राम कांडा निवासी लच्छीराम ने एडीएम से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई है। आरोप लगाया है कि गांव निवासी और रिश्ते के भाई, चाचा और उनका परिवार उससे रंजिश रखते हैं, इसी कारण उन्होंने बीती 18 मार्च को उनके घर में आग लगा दी, जिससे उनकी नौ माह की बच्ची की जलकर मौत हो गई।
पीड़ित का कहना है कि वह हरियाणा में किसी होटल में कार्य करता है, जबकि बच्चे, भाई और बहू के साथ गांव में ही रहते हैं। आरोप है कि करीब 7-8 माह पूर्व आरोपी भाई और चाचा ने उनकी बहू (छोटे भाई की पत्नी) का बेचने के इरादे से अपहरण कर लिया था, जिन्हें ग्रामीणों ने रामनगर में दबोचा लिया था। बिरादरी के कहने पर उन्होंने पुलिस कार्रवाई नहीं की। इसके बाद बीती 18 मार्च को आरोपियों ने घर में आग लगा दी।
इस दौरान घर पर पुत्र गणेश (12), प्रेमा (7) और 9 माह की बच्ची थी। गणेश और प्रेमा को तो बचा लिया गया लेकिन नौ माह की बच्ची की जलकर मौत हो गई। तब भी उन्होंने बिरादरी के कहने पर रिपोर्ट नहीं लिखाई। इससे आरोपियों के हौसले और बुलंद हो गए। अ बीती 11 अप्रैल को उन्होंने उन्हीं पर (लच्छीराम) और गांव के ही खिमिया पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में खिमिया गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका सरकारी अस्पताल में इलाज कराया गया। उन्होंने मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।
- प्रकरण में कोश्याकुटौली के नायब तहसीलदाल को सूचित कर दिया है। जांच के बाद शीघ्र कार्रवाई की जाएगी।
- एडीएम उदय वीर सिंह राणा।