बिठौरिया नंबर एक में शनिवार की रात असम राइफल्स के जवान ने फांसी का फंदा लगाकर जा दे दी। परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला। खुदकुशी के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस को आशंका है कि पारिवारिक कलह के चलते जवान ने जान दी है।
पिथौरागढ़ जिले के बगड़ीघाट अस्कोट के मूल निवासी जंग बहादुर सिंह पाल (49) असम राइफल्स में तैनात थे। उनका मकान बिठौरिया नंबर में भी है। वहां परिवार रहता है। जंग बहादुर छुट्टी लेकर 14 मई को असोम से घर आए थे। परिजनों के अनुसार शनिवार की रात 11 बजे खाना खाने के बाद वह अपने कमरे में सोने के लिए चले गए। घर में पत्नी गीता और बेटी थी। रविवार सुबह पत्नी ने उन्हें जगाने के लिए आवाज लगाई मगर दरवाजा नहीं खुला। गीता ने बिठौरिया में ही रहने वाले अपने भाई भूपाल सिंह को इसकी सूचना दी।
परिवार के लोगों ने दरवाजा तोड़ा तो जंगबहादुर की गर्दन पंखे से लटकी मिली। उन्होंने शव उतारकर मुखानी पुलिस को सूचना दी। उपनिरीक्षक नीरज वल्दिया ने मौका मुआयना करने के बाद परिजनों से पूछताछ की। परिजनों ने बताया कि जंग बहादुर शराब पीते थे लेकिन तनाव के बारे में नहीं बताया। उनका इकलौता बेटा सागर पाल मुंबई स्थित नेवी में काम करता है। सूचना मिलने पर वह भी पहुंच गया। पुलिस का कहना है कि जंगबहादुर के तनाव के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस कयास लगा रही है कि घटना के पीछे पारिवारिक कलह हो सकता है।