अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। तीन दिन पहले मंगाली गांव में 10 लाख की चौथ मांगने का मास्टरमाइंड तलवंडी राणा निवासी कृष्ण निकला। उसने अपना कर्ज चुकाने के लिए अपराध का रास्ता चुना और चौथ मांगने की साजिश रची। उसने एक और आरोपी मंगाली मोहब्बत निवासी संतोष उर्फ सीतू को शामिल किया, जिसने अपने ही रिश्ते के ताऊ को टारगेट बनाया, क्योंकि उसे पता था कि उसके पास पैसा है। चौथ मांगने के तीन आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया, जिनमें एक नाबालिग है।
गौरतलब है कि मंगाली मोहब्बत निवासी इंद्र सिंह को दिनांक 22 मई 2019 को दोपहर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया और कहा की तेरा काम अच्छा चल रहा है, कल शाम तक 10 लाख रुपये दे देना नहीं तो तेरे लड़कों को मार दूंगा। अगर पुलिस को शिकायत की तो अंजाम बुरा होगा। शिकायत मिलने के बाद सीआईए प्रभारी व उनकी टीम ने जल्द ही आरोपियों का सुराग लगा लिया और शनिवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी कृष्ण ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह दूध का काम करता है और काफी कर्जदार हो चुका है। पैसे की पूर्ति के लिए कृष्ण ने संतोष उर्फ सीतू के साथ साजिश रचकर 10 लाख की चौथ की मांग शिकायतकर्ता इंद्र सिंह से की।
संतोष को पता था ताऊ दे सकता है पैसे
पुलिस पूछताछ में आरोपी कृष्ण ने बताया कि कुछ माह पहले उसे एक मोबाइल मिला था, जिसमें दो सिम थी। उसने इसका फायदा उठाकर चौथ की मांग की थी। आरोपी संतोष जिसको यह पता था कि शिकायतकर्ता जो रिश्ते में उसका ताऊ लगता है, उसके पास काफी पैसा है और वह 10 लाख रुपये देने में सक्षम भी है। खास बात यह है कि आरोपी संतोष पीड़ित परिवार की हैसियत से पूरी तरह परिचित है। तीनों आरोपियों को रविवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से आरोपी कृष्ण व संतोष को जेल भेज दिया गया तथा तीसरे नाबालिग आरोपी को बोर्ड के सामने पेश कर प्रोडक्शन हाउस भेज दिया गया।
कैसे मिले संतोष और कृष्ण
संतोष की बहन की शादी तलवंडी राणा में की हुई है। वहां आते-जाते रहने के दौरान संतोष की दोस्ती कृष्ण से हो गई थी। कृष्ण के कर्ज के बारे में संतोष को भी पता था। पैसे के लालच में उसने अपने ताऊ का जिक्र किया। इस पर कृष्ण के शातिर दिमाग में चौथ मांगने की योजना आई और उसने कुछ दिन पहले मिले मोबाइल से चौथ मांगने की साजिश रची। इस योजना में उन्होंने एक नाबालिग को भी शामिल कर लिया।
पुलिस मोबाइल मालिक को भी करेगी जांच में शामिल
पुलिस इस मामले में कृष्ण को मिले मोबाइल के मालिक को भी जांच में शामिल करेगी। कृष्ण के अनुसार उसने जिस मोबाइल से चौथ मांगने के लिए फोन किया, वह उसे पड़ा मिला था। अब पुलिस नंबर रजिस्ट्रेशन के जरिये मोबाइल मालिक तक पहुंचेगी और उससे पूछताछ करेगी कि आखिर मोबाइल गुम होने पर उसने इसकी शिकायत पुलिस को क्यों नहीं दी। जिन नंबरों से फोन कॉल की गई थी, कॉलर आईडी पर उनमें से एक नंबर बगड़ावत और एक नंबर देवम होम के नाम से दर्शाता है।