हल्द्वानी। एक महीने से अधिक समय से लापता युवक संदिग्ध परिस्थितियों में पुलभट्टा क्षेत्र में रस्सियों से बंधा मिला। पुलिस ने उसे बंधनमुक्त कर सरकारी अस्पताल में इलाज कराया। युवक ने ससुरालियों पर अपहरण कर बंधक बनाने का आरोप लगाया है। पीड़ित की हल्द्वानी में गुमशुदगी दर्ज होने की जानकारी के बाद पुलिस ने वहां की पुलिस को बुलाकर युवक को उनके सुपुर्द कर दिया।
रविवार सुबह पुलभट्टा थाना क्षेत्र में गौला पुल के नीचे एक व्यक्ति के चिल्लाने की आवाजें सुनकर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने पुल के नीचे पहुंचकर देखा तो एक युवक रस्सियों से बंधा हुआ था। आननफानन में उसे मुक्त कराया गया। युवक की पहचान राजू उर्फ राजीव शर्मा पुत्र लालाराम शर्मा निवासी कहराना नवाबगंज (बरेली) के रूप में हुई। पुलिस ने उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। पुलिस के मुताबिक राजीव की पत्नी मंजू शर्मा ने उस पर हल्द्वानी में दहेज का मुकदमा दर्ज कराया है। इसी केस के सिलसिले में वह हल्द्वानी पहुंचने के बाद लापता हो गया था।
किच्छा से हल्द्वानी पहुंचते ही बदल गया बयान
किच्छा में इलाज के दौरान राजू ने पुलिस को बयान दिया कि वह 22 दिसंबर को हल्द्वानी कोर्ट में आया था। यहां से उसके ससुर और बहनोई ने उसका अपहरण कर बंधक बनाकर एक मकान में रखा था। शनिवार की रात आरोपियों ने रस्सियों से बांधकर उसे पुल के नीचे छोड़ दिया था। इधर, हल्द्वानी में कोतवाल केआर पांडे ने बताया कि राजीव और उसकी बहन सुषमा शर्मा ने लिखित तौर पर दिया है कि वह अपने मन से गया था। इस मामले में वह कोई कार्रवाई नहीं चाहता है। हालांकि राजीव और उसकी बहन का आरोप है कि पुलिस ने बरामद होने के बाद उसका मेडिकल नहीं कराया। थाने में आने पर उसे जेल भेजने और अन्य प्रकार की धमकी दी गई। इसी कारण उन्होंने जंजाल से बचने के लिए ऐसा लिखकर दिया है।