फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

युवक के दो हत्यारोपियों को आजीवन कारावास की सजा

विज्ञापन
विज्ञापन
नैनीताल। जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी की अदालत ने लालकुआं के चर्चित सोनू सागर हत्याकांड के दो आरोपियों पर हत्या का अभियोग साबित होने के बाद आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
विज्ञापन

21 दिसंबर 2015 की शाम लालकुआं निवासी वेद प्रकाश का बेटा सोनू सागर अचानक लापता हो गया था। सोनू की गुमशुदगी के अगले ही दिन लापता सोनू के परिजनों को पता चला कि 21 दिसंबर की रात को सोनू सागर को आखिरी बार संजू उर्फ घोड़ा, हितेंद्र गंगवार व एक नाबालिग के साथ देखा गया था। पुलिस ने परिजनों के साथ जंगल में खोजबीन की गई तो जंगल में सोनू का शव बरामद हुआ था।
मृतक की मां विमलेश पत्नी वेद प्रकाश ने संजू उर्फ घोड़ा, हितेंद्र गंगवार व एक नाबालिग के खिलाफ बेटे की हत्या कर शव को छुपाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया। मामले की विवेचना करते हुए लालकुआं के तत्कालीन कोतवाल विपिन चंद्र पंत ने नामजद संजू ऊर्फ घोड़ा व हितेंद्र गंगवार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि नाबालिग दिल्ली भागकर चाइल्ड केयर संस्था जा पहुंचा। नाबालिग के खिलाफ किशोर न्यायालय में मुकदमा लंबित है। 25 जुलाई को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में हुई सुनवाई के दौरान जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी सुशील कुमार शर्मा ने आरोपियों के खिलाफ सात गवाह पेश किए। आरोपियों ने अपना जुर्म कबूलते हुए बताया कि उन्हें सोनू कुमार को रुपये लौटाने थे और सोनू लगातार तकादा कर रहा था। उन्होंने सोनू को पहले शराब पिलाई और बाद में शराब की बोतल तोड़कर उसी से हत्या कर दी। शनिवार को हुई सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुमकुम रानी ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास और 35-35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें