रामनगर/कालाढूंगी (नैनीताल)। कालाढूंगी तहसील के महादेवपुर गांव में सात लाख रुपये के कर्ज में डूबे किसान के जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। परिवारीजनों का कहना है कि कर्ज फसल के लिए लिया गया था, लेकिन हर बार फसल बर्बाद होने की वजह से वह कर्ज नहीं चुका पा रहे थे।
प्यारा सिंह(45) पुत्र तारा सिंह पर नैनीताल बैंक की बैलपड़ाव शाखा का पांच लाख, सहकारी समिति बैलपड़ाव का एक लाख और सहायता समूह का भी एक लाख रुपये का कर्ज था। किसान के पास चार एकड़ जमीन है। घर वालों के अनुसार बैंक कर्मचारी आए दिन घर पहुंचकर कर्ज चुकाने का तगादा कर रहे थे । इससे वह परेशान था। प्यारा सिंह के भाई रेशम सिंह ने बताया कि मंगलवार दोपहर करीब तीन बजे घर पर कोई नहीं था। इस दौरान प्यारा ने जहरीला पदार्थ खा लिया। चार बजे जब घर पर अन्य लोग पहुंचे, तब तक उसकी हालत बिगड़ चुकी थी। उसे रामनगर के बृजेश अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पुलिस को बताए बगैर प्यारा सिंह का अंतिम संस्कार कर दिया। बैलपड़ाव चौकी प्रभारी सुशील जोशी ने कहा कि किसान की आत्महत्या करने की चौकी पर कोई सूचना नहीं है।
कर्ज में डूबे किसान ने की खुदकुशी
बैंको का सात लाख रुपये का कर्ज था प्यारा सिंह पर
फसल बर्बाद होने पर तीन साल से नहीं चुकाया था कर्ज
पत्नी बोलीं, कर्ज कैसे चुकाएंगे
रामनगर। किसान की मौत से जहां पूरा गांव सन्न है। पत्नी गुरमीत कौर का रो-रोकर बुरा हाल है। गुरमीत के अनुसार उसकी 17 वर्षीय बेटी हरप्रीत कौर बीएससी कर रही है, जबकि 12 वर्षीय बेटा सुखप्रीत सिंह छठी में पढ़ता है। अब उसके सामने घर चलाने की समस्या है। बैंकों का कर्ज चुकान है सो अलग।
किसान प्यारा सिंह ने बैंक कर्ज के चलते आत्महत्या की है। पिछले कुछ दिनों से बैंक कर्मचारी उसके घर कर्ज की रिकवरी करने आ रहे थे, जिसके चलते वह काफी समय से परेशान था।
-भगवान तिवारी, ग्राम प्रधान महादेवपुर गांव