नैनीताल। कुमाऊं विश्वविद्यालय में पकड़ी गईं 22 फर्जी मार्कशीट एवं डिग्रियों के प्रकरण में मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने बुधवार को 19 मुन्ना भाइयों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। पुलिस अब फर्जी डिग्री का प्रयोग करने वाले छात्र-छात्राओं तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
दस्तावेज सत्यापन से जुड़ी कनाडा की कंपनी डब्ल्यूईएस ने कुमाऊं विश्वविद्यालय को पोस्ट एवं ईमेल के माध्यम से कुछ मार्कशीट और डिग्रियां सत्यापन के लिए भेजीं थीं। विवि की जांच में 22 मार्कशीट एवं डिग्रियां फर्जी निकली हैं। अब ऐसे 19 छात्र-छात्राओं के नामों का खुलासा हो चुका है, जिन्होंने इन दस्तावेजों का प्रयोग किया है। 29 दिसंबर को कुविवि ने कनाड़ा की संस्था डब्ल्यूईएस से आरोपी छात्र-छात्राओं का पता एवं अन्य जानकारी मांगी थी, जो विवि को नहीं मिल सकी।
मंगलवार को कुलसचिव डॉ. महेश कुमार ने फर्जी मार्कशीट का प्रयोग करने वाले अनुज मित्तल, गुरविंदर सिंह, सौरभ गुप्ता, मनप्रीत कौर, अश्नीन बजाज, हरप्रीत कौर, रीता अमीत प्रेमजी, साहिब इकबाल सिंह, अमननिंदर सिंह, अवतार सिंह, संदीप सिंह, जिबनु राठौर, वरुण खुराना, करमजीत कौर, करन मेहरा, नर्मदा, सिमरनजीत कौर, जोधवीर सिंह, वरुण खुराना द्वितीय के खिलाफ फर्जी मार्कशीट का प्रयोग करने की तहरीर दी।
इस पर पुलिस ने बुधवार को आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली। इंस्पेक्टर मल्लीताल विपिन चंद्र पंत ने बताया कि कुविवि प्रशासन की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।