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बड़ी वारदातें कह रही पुलिस की असफलता की कहानी

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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। जिले की पुलिस अपराधों पर लगाम लगाने के मामले में भले ही अपनी पीठ थपथपा ले, लेकिन सच्चाई के आइने में उसकी छवि धुंधली है। जिले में हुई बड़ी वारदातों के खुलासे में पुलिस अक्सर अंतिम समय में फेल हो जाती है। हल्द्वानी क्षेत्र कीकई बड़ी वारदातें पुलिस की असफलता की कहानी बयां कर रहे हैं। एक साल के भीतर शहर के आधा दर्जन से अधिक मामले या तो खुले नहीं या पुलिस उनका खुलासा आधा-अधूरा ही हो सका।
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वारदातें कह रहीं पुलिस की असफलता की कहानी
शहर की वारदातें नहीं खोल सकी हल्द्वानी के थानों की पुलिस
आधा दर्जन हत्याकांड या तो आधे खोले गए या खुलासे का इंतजार

ये हैं बड़ी वारदातें
दो दिसंबर 2018 : लालकुआं गौलागेट पार जंगल में बुजुर्ग की लाश मिली थी। हत्या कर शव को झाड़ी में छिपाया गया था। खुलासा तो दूर पुलिस शिनाचत तक नहीं करा सकी।
27 अगस्त 2018 : गोरापड़ाव में एक महिला की हत्या की गई थी। उसकी बेटी भी गंभीर रूप से घायल हो गई थी। पुलिस इस मामले में अब तक लकीर पीट रही है।
05 जून 2018 : पंचायत घर के पास बैड़ापोखरा में कोचिंग संचालक भुवन चंद्र भट्ट की पत्नी राधा भट्ट की बदमाशों ने हत्या कर दी थी। भुवन भट्ट को भी गंभीर रूप से घायल कर दिया था। हत्यारे घर में से रुपये, जेवरात और बाइक लूटकर फरार हो गए थे। इस मामले में आधा दर्जन डकैतों का नाम आया था। लेकिन पुलिस केवल तीन तक पहुंच सकी। इस हत्याकांड का खुलासा भी सवालों के घेरे में रहा।
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15 मई 2018 : आरटीओ रोड रेशमबाग निवासी नीर नाथ साह उर्फ नीरु साह की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। वह अपनी बड़ी बहन माहेश्वरी साह के साथ रहते थे। उनका शव दीवान बेड के अंडर मिला था। इस हत्याकांड का खुलासा पुलिस के लिए अब भी चुनौती है।
जुलाई : बरेली रोड पर एक युवक की अधजली लाश की गुत्थी पुलिस से नहीं सुलझी। सीसीटीवी फुटेज में कार से लाश फेंकते दिखे। यह हत्याकांड भी पुलिस के लिए पहेली साबित हुआ।
2015 : दनियालपुर में अरुण नामक युवक की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। अरुण की मां ने चौकी से लेकर डीजीपी तक हत्यारों को पकड़ने गुहार लगाई लेकिन अब भी यह हत्याकांड खुलासे की राह देख रहा है।
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