हल्द्वानी। जनरल स्टोर की आड़ में चल रहे चरस तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। स्टोर से करीब तीन किलो चरस बरामद हुई है। स्टोर संचालक की निशानदेही पर पुलिस ने दो अन्य तस्करों को भी दबोचा है। तीनों के खिलाफ एनडीपीएस में केस दर्ज किया गया है।
मुखानी में लंबे समय से चरस की जमकर खरीद फरोख्त हो रही थी। यहां पहाड़ी जनपदों से चरस लाकर सौदा किया जाता था। मुखबिर से सूचना मिली कि बड़ीमात्रा में चरस की तस्करी होने वाली है। इस पर सीओ सिटी दिनेश चंद्र ढौंडियाल के नेतृत्व में मुखानी थाना, एसओजी और एसटीएफ ने संयुक्त रुप से बृहस्पतिवार की सायं कुसुमखेड़ा हनुमान मंदिर स्थित एक जनरल स्टोर पर छापामारी की। मौके से स्टोर संचालक विनोद सिंह दानू निवासी कुसुमखेड़ा से 1.300 किलो चरस बरामद हुई। जबकि दानू की निशानदेही पर दो अन्य तस्कर कैलाश जोशी निवासी कार्तिकेय कालोनी फेज तीन के पास से 400 ग्राम और जोध सिंह निवासी कुसुमखेड़ा के पास 1.200 किलो चरस बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक तीनों लंबे समय से चरस की सौदेबाजी कर रहे थे। बृहस्पतिवार को भी उन्हें 2.900 किलो चरस का सौदा 1.50 लाख रुपये में किया था लेकिन पुलिस ने दबोच लिया। सीओ ढौंडियाल ने तीनों तस्करों से पूछताछ की। पुलिस अब गिरोह के तार ढूंढने में जुट गई है। गिरोह का भंडाफोड़ करने वालों में एसओजी प्रभारी दिनेश पंत, एसटीएफ प्रभारी केपी टम्टा, मुखानी थाना प्रभारी कमाल हसन, एसआई कुलदीप, कांस्टेबल गिरीश, चंदन, वीरेंद्र रावत, दिनेश शर्मा आदि शामिल थे।
पहाड़ से होती है चरस की तस्करी
पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि तीनों गंगोलीहाट से चरस खरीद कर लाते थे। यहां मोटे दाम लेकर चरस का सौदा कर देते थे। इसके अलावा बागेश्वर, पिथौरागढ़ के कई स्थानों से भी चरस की तस्करी होने की बात सामने आई है।
कपकोट के रहने वाले हैं तीनों तस्कर
तीनों तस्कर मूल रूप से कपकोट के आसपास गांवों के रहने वाले हैं। वहीं इनमें जान पहचान हुई है। एक ही जिले के होने की वजह से तीनों ने मिलकर चरस तस्करी का धंधा शुरू किया। कम समय में ज्यादा माल काटने के लालच में तीनों नशे के धंधे में फंसते चले गए।