हल्द्वानी। सिडकुल बस चालक ने संदिग्ध हालातों में जहरीला पदार्थ खा लाने से मौत हो गई। पुलिस ने इसे प्रारंभिक जांच में आत्महत्या माना है।
पुलिस के मुताबिक मूल रूप से ओड़िसा का रहने वाला किशन कुमार (37) सिडकुल की एक कंपनी में बस चालक था। वह यहां पांच-छह साल से जीतपुर नेगी में पत्नी मधु और बच्चों के साथ रहता था। घर वालों के अनुसार किशन ने बुधवार की रात शराब पी और खाना खाने के बाद गाड़ी पर जाने की बात कहकर चला गया। कुछ देर बाद पड़ोसियों ने मधु को बताया कि किशन नशे में धुत होकर घर के करीब पड़ा हुआ है। मधु मौके पर पहुंची और उसे होश में लाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं उठा। पड़ोसियों की मदद से किशन को सुशीला तिवारी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने उसे निजी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजनों ने उसे नैनीताल रोड स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया जहां उपचार के दौरान बृहस्पतिवार की सुबह उसने दम तोड़ दिया। भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी ने बताया कि जहरीला पदार्थ खाने से मौत हुई है, प्रारंभिक जांच में पारिवारिक कलह मौत की वजह सामने आई है फिर भी घटना की जांच की जा रही है।
परिसीमन के विरोध में जान देने की अफवाह उड़ी
हल्द्वानी। दोपहर में अफवाह उड़ी कि जीतपुर नेगी का आधा गांव नगर निगम में आता है जबकि आधा ग्राम पंचायत में है इसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। गांव को नगर निगम में शामिल किए जाने की मांग को लेकर बुधवार को ग्रामीणों की एक बैठक भी हुई थी। बैठक में किशन ने एक गाड़ी भरकर ग्रामीण को प्रदर्शन के लिए ले जाने और उसका खर्च वहन करने पर सहमति दी थी। इस पर वह इतना आक्रोश में भर गया था कि उसने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। इसको लेकर राजनीतिक तूल देने की भी कोशिश की गई हालांकि पुलिस प्रशासन ने इसे कोरी अफवाह बताया है।
जीतपुर नेगी के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार दोपहर को नगर निगम में ज्ञापन सौंपा उसमें भी घटना का जिक्र नहीं है। परिसीमन के विरोध आत्महत्या की कोई प्रमाणिकता नहीं है यह पूरी तरह अफवाह है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पारिवारिक कलह से चालक ने आत्महत्या की है।
एपी वाजपेयी, उपजिलाधिकारी हल्द्वानी