हल्द्वानी। केरोसिन के मामले की जांच बैठते ही पूर्ति विभाग में खलबली मच गई है। जांच टीम बरेली रोड स्थित एक ऑयल कंपनी की जांच करे तो बहुत बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो सरकारी कर्मचारी-अधिकारी इस कंपनी को चला रहे हैं। उधर सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने बैकडेट में विभाग की ओर से जबरन केरोसिन आवंटन की पर्ची थमाने का आरोप लगाया है।
करीब 1.40 लाख लीटर केरोसिन मामले में डीएम की ओर से बैठाई गई जांच से पूर्ति विभाग के अधिकारियों में खलबली मची है। कई सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें बैक डेट में केरोसिन की पर्चियां दी जा रही हैं। पर्ची न लेने पर दबाव बनाया जा रहा है। कहा कि बरेली रोड स्थित एक केरोसिन डिपो की जांच की जाए तो कई खुलासे हो सकते हैं। जब उनसे लिखित में शिकायत उपलब्ध कराने की बात कही तो सस्ता गल्ला विक्रेताओं ने कहा कि उनकी भी कुछ मजबूरियां हैं। इनके चलते विभागीय अधिकारी उन्हें डरा रहे हैं। कहा कि निष्पक्ष जांच की जाए तो बहुत बड़ा घपला उजागर होगा।
आखिर कौन सरकारी कर्मचारी चला रहा ऑयल कंपनी
बरेली रोड की कंपनी की हो जांच तो होंगे कई खुलासे
सस्ता गल्ला विक्रेता बोले, अब विभाग जबरदस्ती थमा रहा केरोसिन की पर्ची
कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। कमेटी हर बिंदु पर काम कर रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद जरूरी कार्रवाई की जाएगी।
- विनोद कुमार सुमन डीएम नैनीताल