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कानपुर में पकड़ा गया फर्जी कर्नल

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नैनीताल में ठगी का आरोपी - फोटो : अमर उजाला
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नैनीताल। सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रुपये ठगने वाला फर्जी कर्नल सूर्य प्रताप सिंह शनिवार को कानपुर में धरा गया। कानपुर में भी आरोपी के खिलाफ नौकरी का झांसा देकर करीब 8 लाख 40 हजार की ठगी करने पर कई धाराओं में केस दर्ज है। वहीं, शनिवार को फर्जी फौजी का खुलासा होने के बाद ठगी का शिकार हुए और भी लोग शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे। अन्य दो और लोगों ने फर्जी कर्नल के खिलाफ एक लाख 60 हजार रुपये ठगने का मामला दर्ज करवाया है।
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डेढ़ माह से मल्लीताल स्थित सुमन रेजेंसी होटल में रह रहे फर्जी कर्नल द्वारा सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये ठगने का मामला सामने आया था। इसमें सुमन रेजेंसी होटल के मैनेजर कमल किशोर और उसके भाई विनोद कुमार से उसने तीन लाख रुपये लिए और फरार हो गया था। मैनेजर की तहरीर पर पुलिस ने फर्जी कर्नल के खिलाफ धारा 420 के तहत शुक्रवार देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया था।
मल्लीताल कोतवाली पुलिस ने सोशल मीडिया पर कर्नल के फोटो समेत पोस्ट डाली थी, जिसमें ठगी की बात लिखी गई थी। ठगी की जानकारी सभी थानों और एसओजी को भी दी गई थी। इसके बाद कानपुर पुलिस भी सक्रिय हो गई और लोगों को चूना लगाने वाला कानून के शिकंजे में फंस गया। कोतवाल ध्यान सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली है कि फर्जी कर्नल कानपुर पुलिस की गिरफ्त में आ गया है, उन्होंने इस बाबत कानपुर के रेल बाजार थाने की पुलिस से संपर्क किया तो सूचना की पुष्टि हो गई। आरोपी को नैनीताल लाने के लिए न्यायालय से बी वारंट लिया जाएगा। जिस होटल में फर्जी कर्नल ठहरा था, उस कमरे को सील कर दिया गया है। ठगी के शिकार हुए पीड़ितों के बयान दर्ज किए गए हैं। बैंक के सीसीटीवी फुटेज लिए जाने के साथ ही अन्य साक्ष्य जुटाए जाएंगे।
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कानपुर में पकड़ा गया फर्जी कर्नल
नौकरी दिलाने के नाम पर करता था लोगों से ठगी
दो अन्य लोगों से भी फर्जी कर्नल ने ठगे एक लाख 60 हजार
कानपुर में भी फर्जी कर्नल के खिलाफ दर्ज है ठगी का मामला

नाव चालक ने भी दिए थे एक लाख रुपये
ठगी का मामला चर्चा में आने के बाद दो अन्य लोग भी शिकायत लेकर कोतवाली पहुंचे। इनमें नाव चला कर गुजर बसर करने वाले चनी राम आर्य ने एक लाख रुपयों की ठगी का मामला दर्ज करवाया। बताया कि उन्होंने अपने बेटे मनोज कुमार की नौकरी लगाने के एवज में दो किस्तों में एक लाख रुपये फर्जी कर्नल को दिए। वहीं, दूसरे मामले में मल्लीताल पिल्ग्रीम निवासी खड़क सिंह रावत ने बताया कि उसने अपनी पत्नी के भाई के बेटे की नौकरी लगाने के एवज में फर्जी कर्नल को 60 हजार रुपये दिए, जिसकी शिकायत उन्होंने कोतवाली में दर्ज करवाई है।

सोशल मीडिया से गिरफ्त में आया फर्जी कर्नल
फर्जी कर्नल की गिरफ्तारी में सोशल मीडिया एक बार फिर कारगर साबित हुआ है मल्लीताल कोतवाली में ठगी के शिकार हुए होटल मैनेजर एवं उसके भाई द्वारा धोखाधड़ी कर रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज करवाने के बाद पुलिस ने सोशल मीडिया में पूरे मामले की जानकारी अपडेट करने के साथ ही फर्जी कर्नल का फोटो भी वायरल कर दिया, इसके बाद उत्तराखंड समेत उत्तर प्रदेश की पुलिस भी हरकत में आई और आरोपी कानपुर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। एसएसआई बीसी मासीवाल ने बताया कि पुलिस ने शुक्रवार देर रात तक फर्जी कर्नल की महिला मित्र का मोबाइल नंबर हासिल किया। यह नंबर सर्विलांस पर लगाया गया, जो बाद में कर्नल की लोकेशन पता करने में सहायक साबित हुआ।

कानपुर पुलिस को भी थी आरोपी की तलाश
कानपुर पुलिस द्वारा फर्जी कर्नल को पकड़ने के बाद उसके और मामले भी उजागर हुए हैं। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक कानपुर के रेल बाजार थाने में प्रदीप कुमार पांडे द्वारा फर्जी कर्नल सूर्य प्रताप सिंह एवं उसके दो अन्य साथियों संतोष कुमार और चंद्रदेव होटल के मैनेजर नरेश के खिलाफ सेना में नौकरी दिलाने के नाम पर 8 लाख 40 हजार रुपये हड़पने की शिकायत दर्ज करवाई थी। पुलिस ने मामले में 420, 406, 342, 504, 506 आईपीसी के तहत मामला पंजीकृत किया है। कानपुर पुलिस को भी मामले में आरोपी सूर्य प्रताप सिंह की तलाश थी।

कम शिक्षित लोगों को बनाया शिकार, फर्जी कॉल लेटर भी जारी किए
करीब डेढ़ माह तक नगर में रहकर लोगों से लाखों की ठगी करने वाले फर्जी कर्नल ने कम शिक्षित लोगों को ही अपना शिकार बनाया। यहां तक कि लोगों से पैसे लेने के बाद कर्नल ने उन्हें फर्जी कॉल लेटर भी जारी कर दिए। इतना ही नहीं इस डेढ़ माह में कर्नल होटल के स्टॉफ से इतना घुल मिल गया कि वह एक होटल कर्मी की शादी में उसके गांव भी गया और वहां भी उसने गांव के लोगों को अपने झांसे में लेने का प्रयास किया।
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