हल्द्वानी। कुमाऊं के खनन की आवाज अब देहरादून तक पहुंच गई है। दून ने कुमाऊं में खनन कराने वालों की गोपनीय रिपोर्ट मांगी है। इस रिपोर्ट में खनन में वर्चस्व वाले सत्ताधारी दल, विपक्ष के नेताओं से लेकर बड़े खनन व्यवसायी तक का ब्योरा मुहैया कराना है।
सूबे में एक अक्तूबर से खनन शुरू हो जाएगा। प्रदेश में खनन से होने वाली आय में कुमाऊं की हिस्सेदारी ज्यादा रहती है। नैनीताल जिले में ही गौला, कोसी, नंधौर, दाबका नदियों में 80-85 लाख घनमीटर उप खनिज की निकासी होती है। जमरानी, बेतालघाट, रामनगर, सुल्तानपुर पट्टी, सितारगंज में भी पट्टों से भी खनन होता है। इनसे तकरीबन 200 करोड़ से ज्यादा की आय होती है। ऊधमसिंह नगर में भी काशीपुर, गदरपुर, सितारगंज, शांतिपुरी में भी खनन बड़ी तादाद में होता है। इधर राजधानी देहरादून से खनन कराने वालों की विशेष रिपोर्ट मांगी गई है। इस रिपोर्ट में खनन में दखल रखने वाले सत्ताधारी दल के मंत्री, विधायक, नेताओं के गुुर्गे, विपक्ष के नेता की जानकारी जुटाई जा रही है। बड़े खनन कारोबारी, कुछ समय में ही पट्टे, क्रशर, लेने वाले खनन व्यवसायियों की भी सूचना देनी होगी। वहीं दून से आदेश मिलते ही सत्ता के सूत्र गोपनीय रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए है। सूत्रों की मानें तो इस रिपोर्ट के बाद मंत्री, विधायकों के पर भी काटे जा सकते हैं।