हल्द्वानी। कुमाऊं के सबसे बड़े सुशीला तिवारी अस्पताल में 36 घंटों के भीतर हुई चार नवजात शिशुओं की मौत के मामले की जांच होगी। जांच एमएस से कराई जाएगी और एक सप्ताह में रिपोर्ट देने को कहा जाएगा।
सुशीला तिवारी अस्पताल में 13 से 15 अगस्त के बीच चार प्रसूता महिलाएं आईं थीं। प्रसव के बाद तीन नवजात ने कुछ ही घंटों में दम तोड़ दिया था। जबकि एक महिला के मामले में अस्पताल प्रशासन को तर्क था कि अस्पताल पहुंचते ही मां ने बच्चे को जन्म दे दिया था और बच्चा मरा हुआ था। नवजात की मौत को लेकर अस्पताल में परिजनों ने हंगामा भी किया था। चिकित्सा-शिक्षा विभाग से लेकर राजकीय मेडिकल कालेज के प्राचार्य तक बिना किसी जांच के मामले की लीपापोती में लगे थे और नवजात की मौत को लेकर कई तर्क दिए थे। प्राचार्य डॉ. सीपी भैसोड़ा ने शुक्रवार को कहा कि नवजात की मौत के मामले की जांच कराई जाएगी। जांच एमएस डॉ. अरुण जोशी से कराई जाएगी और रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर मांगी जाएगी।
प्राचार्य बोले-एमएस से कराएंगे जांच
पूर्व प्राचार्य के समय हुई एक घटना में दो डॉक्टर हुए थे सस्पेंड