हल्द्वानी। अवैध खनन पर जिला प्रशासन, स्थानीय प्रशासन दिखावे और खबर प्रकाशित करवाकर वाहवाही लूटने का काम कर रहा है। हकीकत ये है कि रेलवे की जमीन पर अवैध खनन करने पर खान विभाग की ओर से 2017 में 1.40 करोड़ का जुर्माना लगाया गया था। हद तो ये है कि इस मामले की फाइल डीएम कार्यालय में धूल फांक रही है। डेढ़ साल बाद भी इस मामले में एक रुपये की वसूली नहीं हुई है।
लालकुआं तेल डिपो के पास रेलवे की जमीन पर रेलवे ठेकेदार मै. वरुण बिल्डर्स फिरोजाबाद आगरा ने 2017 में अवैध खनन कर उपखनिज बेच दिया था। इस मामले में राजस्व एवं खान विभाग की टीम ने 18 नवंबर 2017 को निरीक्षण किया। इस दौरान अवैध खनन करने के मामले में ठेकेदार पर 1.40 करोड़ का जुर्माना लगाया। तब से इस जुर्माने की फाइल डीएम दफ्तर में धूल फांक रही है। उधर, डीएम इस मामले में एक रुपये की भी वसूली नहीं करा पाए।
इस ठेकेदार ने रेलवे की भूमि पर दोबारा अवैध खनन कर दिया। शिकायत मिलने पर नौ जनवरी 2019 को एसडीएम और खान विभाग की टीम ने छापा मारा। छापेमारी में अवैध खनन पाया गया। विभाग ने रेलवे ठेकेदार मै. वरुण बिल्डर्स फिरोजाबाद आगरा पर 3.77 करोड़ का जुर्माना लगा दिया।
सवाल : आखिर जुर्माना किसे दिखाने के लिए लगाया जा रहा है। जब वसूली के नाम पर जिला प्रशासन एक रुपये की वसूली तक नहीं कर पाया है।
अवैध खनन में जुर्माना, सिर्फ दिखावे भर का
रेलवे की जमीन पर अवैध खनन पर 2017 में लगाया गया था 1.40 करोड़ का जुर्माना
डेढ़ साल बाद भी जिला प्रशासन एक रुपये भी नहीं वसूल पाया
अधिकारी बने रहे लापरवाह, फिर खोद दी रेलवे की जमीन, अब फिर लगा दिया 3.77 करोड़ का जुर्माना
रेलवे की जमीन पर अवैध खनन मेरे संज्ञान में आया है। रेलवे के अधिकारियों को लिखा गया है। पुराना जुर्माना कंपनी पर कितना लगाया गया, यह मेरे संज्ञान में नहीं है। इस मामले को दिखवाकर जल्द ही आरसी जारी की जाएगी। -विनोद कुमार सुमन, डीएम नैनीताल।