बस ड्राइवर की हत्या में सात आरोपी
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भीमताल/धानाचूली (नैनीताल)। बस चालक पूरन चंद्र हत्याकांड में राजस्व पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार कर 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया। पुलिस ने चार उन युवकों को भी रविवार को हिरासत में लिया, जिनके खिलाफ अज्ञात में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। पूछताछ में उनके द्वारा एक अन्य आरोपी का नाम बताने पर पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया।
शुक्रवार रात धारी ब्लॉक के लथुड़ा तल्ला गांव निवासी बस चालक पूरन चंद्र (24) अपने बड़े भाई जीवन चंद्र और चचेरे भाई दिनेश चंद्र के साथ दुकान से घर लौट रहा था। रास्ते में बांसुरी गांव निवासी लाखन सिंह (21), लाल सिंह (23) का नशे में तीनों भाइयों से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। इस पर लाखन सिंह ने अपने पांच अन्य मित्रों हिमांशु बिष्ट (22) नंदन सिंह (22) कैलाश सिंह (18) मनोज सिंह (22), यशवंत सिंह (22) के साथ मिलकर हमला कर दिया था। पूरन चंद्र को पदमपुरी अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि जीवन चंद्र, दिनेश चंद्र को अधमरा कर दिया था। मृतक पूरन चंद्र के भाई मनोज कुमार ने राजस्व पुलिस में लाखन सिंह, लाल सिंह सहित चार अन्य युवकों पर भाई की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। राजस्व पुलिस ने हिमांशु बिष्ट, नंदन सिंह, कैलाश सिंह, मनोज सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में चारों ने कौल निवासी यशवंत सिंह के भी वारदात में साथ देने की बात कहीं। चार युवकों के बयान पर राजस्व पुलिस ने यशवंत सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। रविवार को सभी के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी आरोपियों को 14 दिन की रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस दौरान उपनिरीक्षक कानूनगो राजेंद्र सनवाल, पटवारी हेम पलड़िया, हेम जोशी आदि रहे।
हत्या के मामले में कार्रवाई के लिए ज्ञापन सौंपा
हल्द्वानी। पदमपुरी गांव के पास लदफोड़ा में पूरन चंद्र की हत्या के मामले में कार्रवाई करने के लिए दलित समाज से जुड़े लोगों ने एसडीएम एपी वाजपेयी को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि दबंगों ने पूरन की हत्या कर दी थी। समाज से जुड़े लोगों का कहना है कि पूरन ने दबंगों की गालियों और जातिसूचक शब्दों के बारे में एतराज जताया था।