हल्द्वानी। पुलिस, एसओजी और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मंगलवार को तेंदुए की एक खाल के साथ दो वन्यजीव तस्करों को पकड़ा है। वन विभाग ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। खाल हल्द्वानी में किसी तस्कर को बेची जानी थी जिसके बारे में पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पकड़े गए एक आरोपी महावीर ने बताया कि गांव में बकरी के गोश्त मेें जहर मिलाकर तेंदुए को मारा था और बाद में उसकी खाल निकाल ली थी। वहीं, एसओजी का दावा है कि खाल पर गोली का निशान है जिससे लगता है कि गोली मारकर तेंदुए की हत्या की गई है।
तराई केंद्रीय वन प्रभाग, बनभूलपुरा थाना पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम मंगलवार की सुबह करीब 8:15 बजे इंदिरा नगर रेलवे फाटक के पास गौला पुल बाईपास पर चेकिंग कर रही थी। इसी बीच, रेलवे लाइन पार कर दो युवक पैदल आते दिखाई दिए। एक के कंधे पर बैग लटका हुआ था। टीम ने दोनों युवकों की तलाशी ली तो बैग से तेंदुए की एक खाल बरामद हुई। पूछताछ में दोनों ने अपने नाम हयात सिंह उर्फ विक्की निवासी मंदिर मार्ग गोपेश्वर (चमोली) और महावीर बिष्ट निवासी तपोवन, जोशीमठ बताया। तस्करों को पकड़ने वाली टीम में तराई केंद्रीय वन प्रभाग एसओजी प्रभारी रूप नारायण गौतम, एसआई बनभूलपुरा मनोज यादव, वन दरोगा कैलाश तिवारी, हेम नेगी, एएसआई सतेंद्र गंगोला, अंकित जायसवाल, डीडी मलकानी, कुंदन कठायत, परवीन कुमार, पुष्कर रौतेला आदि शामिल थे। एसओजी प्रभारी (वन) रूप नारायण गौतम के अनुसार दोनों तस्करों को जेल भेजने के साथ मामले की जांच की जा रही है।
तस्करों ने कहा- बकरी के गोश्त में जहर देकर तेंदुए को मारा
एसओजी का दावा-गोली मारकर की गई है तेंदुए की हत्या
आरोपियों में एक बीकॉम तो दूसरा एमएससी का छात्र
हल्द्वानी। तेंदुए की तस्करी में पकड़े गए आरोपी स्नातक और परास्नातक के छात्र हैं। हयात सिंह बीकॉम और महावीर एमएससी का छात्र है। महावीर चमोली में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रहा है। इसी दौरान दोनों की दोस्ती हुई है।
पहले भी पकड़ा जा चुका है हयात
हल्द्वानी। हयात सिंह उर्फ विक्की पहले भी दो-तीन बार वन उपज की तस्करी में पकड़ा गया है। उस समय नाबालिग होने की वजह से उसे हिदायत देकर छोड़ दिया गया था। अब वह तेंदुए की खाल के साथ पकड़ा गया है। हयात के पिता भी कीड़ाजड़ी की तस्करी में जेल जा चुके हैं।