हल्द्वानी। आंवला गेट के पास वारदात होने के बाद सबक लेते हुए जिला पुलिस वहां खनन सत्र तक अस्थायी पुलिस चौकी या बीट बाक्स बनाएगी। अस्थाई चौकी की भूमि के लिए वन विभाग से भी वार्ता की जाएगी।
गौला नदी में 1 अक्टूबर से 31 मई तक खनन होता है। खनन में दूसरे प्रदेशों के 10 हजार से ज्यादा श्रमिक व चालक काम करते हैं। इन श्रमिकों की आड़ में अराजक तत्व भी छिप जाते हैं। वहीं आए दिन ये लोग नशे की हालत में हंगामा काटते हैं। शनिवार को भी घटनास्थल से बनभूलपुरा थाना दूर होने की वजह से हत्यारोपियों को भागने का मौका मिला। जब तक पुलिस पहुंचती तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। जिला पुलिस अब इस इलाके में खनन होने तक अस्थायी पुलिस चौकी या बीट बाक्स बनाएगी। इसमें एक उप निरीक्षक व दो कांस्टेबलों की तैनाती की जाएगी। साथ ही रात्रि गश्त भी की जाएगी। इससे नशे की हालत में होने वाले आपसी झगड़े, हंगामे की घटनाओं पर भी लगाम लगेगी।
आंवला चौकी क्षेत्र में खनन सत्र के लिए अस्थाई चौकी बनाने के लिए वन विभाग से वार्ता की जाएगी। जमीन मिलते ही चौकी बनाई जाएगी। इसमें एक एसआई व दो कांस्टेबल तैनात रहेंगे।
जन्मेजय खंडूरी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, नैनीताल
चालकों और श्रमिकों का होगा पुलिस सत्यापन
हल्द्वानी। बनभूलपुरा थाना पुलिस गौला नदी में काम करने दूसरे प्रदेशों के श्रमिकों और चालकों का पुलिस सत्यापन करेगी। पुलिस जल्द ही अभियान शुरू करने जा रही है जिन श्रमिकों ने सत्यापन नहीं कराया होगा उन पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
डंपर स्वामी और ठेकेदार की भी होगी जिम्मेदारी
हल्द्वानी। जिला खनन समिति में तय हुआ था कि बाहरी प्रदेशों के श्रमिकों, चालकों का पुलिस सत्यापन का जिम्मा डंपर स्वामियों और ठेकेदारों का भी होगा। जिन्होंने अपने अपने कर्मियों का पुलिस सत्यापन नहीं कराया होगा तो उन पर भी जुर्माना लगाया जाएगा।
पुलिस ने साक्ष्य किए एकत्र
हल्द्वानी। बनभूलपुरा थाना पुलिस ने मौके पर जाकर सबूत जुटाए हैं। साथ ही कुछ सबूतों को फारेंसिक जांच के लिए भी भेजा जाएगा।