हल्द्वानी। लालकुआं डिपो से मार्च में लालकुआं डिपो से लकड़ी भेजने में अनियमितता के मामले में जांच टीम बरेली भेजी गई। टीम ने बरेली जाकर लकड़ी की जांच की और साक्ष्य एकत्र किए। यहां से भेजी गई लकड़ी की फोटो भी खींची। टीम मतदान के बाद जांच रिपोर्ट आरएम को सौंपेगी।
लालकुआं डिपो से मार्च में 119 नग 11 घनमीटर लकड़ी बरेली भेजी गई थी। बरेली में वन विभाग के अधिकारियों ने लकड़ी के लिए जारी रवन्ने की जांच की तो पता चला कि वाहन में 11 नग लकड़ी अधिक थी। इस पर बरेली के वन विभाग ने राज्य के वन निगम के अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। लकड़ी में अनियमितता की जांच वन निगम के आरएम हल्द्वानी ने डीएसएम एमसी जोशी को सौंपी। डीएसएम एमसी जोशी ने मामले में प्रथमदृष्टया लालकुआं डिपो के स्केलर महेश चंद्र तिवारी को 22 मार्च को निलंबित कर दिया। आरएम ने इस मामले की जांच के लिए डीएसएम हल्द्वानी एमसी जोशी, डीएसएम टनकपुर महेश आर्या, डीएलएम हल्द्वानी प्रकाश आर्या की तीन सदस्यों की समिति गठित की। टीम ने बरेली जाकर भेजी गई लकड़ी की जांच की। बरेली में टीम ने साक्ष्य जुटाए। भेजी गई लकड़ी की फोटो भी ली गई। आरएम एमपीएस रावत ने बताया कि लकड़ी पर पूरी रिपोर्ट लिखी जाती है। इस कारण लकड़ी की फोटो भी मंगाई गई है। टीम मतदान के बाद रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई की जाएगी।
टीम ने जांच के लिए बरेली में जुटाए साक्ष्य
लालकुआं डिपो से मार्च में भेजी गई थी लकड़ी
बरेली वन विभाग की जांच में रवन्ने में दर्ज मात्रा से अधिक मिली थी लकड़ी