हल्द्वानी। चाचा के अंतिम संस्कार से लौट रहे क्लर्क योगेश चंद्र जोशी की बस में बैठे-बैठे जान चली गई। वह विकास भवन में पशुपालन विभाग में तैनात थे। मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। कुछ लोग चाचा की मौत का सदमा बता रहे हैं तो कोई हार्टअटैक मान रहा है। पुलिस पोस्टमार्टम के बाद ही कुछ कहने की बात कह रही है।
ऊधमसिंहअनगर जिले के खड़कपुर देवीपुरा काशीपुर निवासी 35 साल के योगेश चंद्र जोशी के चाचा किच्छा निवासी ताराचंद्र जोशी की रविवार को मौत हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार रानीबाग स्थित चित्रशिला घाट पर किया गया। गांव के लोग अंतिम संस्कार के बाद बस से काशीपुर स्थित गांव पहुंचे। बस से न उतरने पर ड्राइवर ने योगेश को आवाज लगाई मगर पिछली सीट पर बेसुध पड़े योगेश ने कोई उत्तर नहीं दिया। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें सुशीला तिवारी अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। योगेश का चेहरा काला पड़ गया था। मेडिकल चौकी ने परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लिपिक के दो बच्चे हैं। भीमतात स्थित विकास भवन भीमताल में सोमवार को कर्मचारियों ने शोकसभा की।
चाचा के अंतिम संस्कार से लौट रहे क्लर्क की मौत
बस में बैठे-बैठे चली गई जान, विकास भवन में तैनात थे