हल्द्वानी। घर में न दौलत की कमी थी न शिक्षा और संस्कार का अभाव फिर भी नशे और कुसंगत के चक्कर में एक अच्छा खासा युवक बर्बाद हो गया। वह नशेड़ी बन गया। नशे की आपूर्ति के लिए उसने अपराध की दुनिया में कदम रखा तो परिवार के सारे अरमान धरे रह गए। पर्स लूट में पकड़ा गया तो पुलिस भी दंग रह गई। उसके पिता एक बैंक में मैनेजर हैं और मां एक स्कूल में प्रिंसिपल। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
एसएसआई विजय सिंह मेहता ने बताया कि नवाबी रोड निवासी गीता रौतेला 10 फरवरी को दुर्गा सिटी सेंटर स्थित एक अस्पताल में ड्यूटी करने जा रही थीं। कलावती चौराहे पर स्कूटी सवार एक युवक उनका पर्स लेकर भाग निकला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लुटेरे की तलाश शुरू कर दी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर लुटेरे को चिन्हित कर लिया गया। शनिवार की रात उपनिरीक्षक शंकर नयाल, कांस्टेबल संतोष नेगी और संजय नेगी की टीम ने महिला डिग्री कॉलेज के पास आरोपी को पर्स के साथ धर दबोचा। पकड़े गए युवक ने अपना नाम दीपम निवासी बिठौरिया क्षेत्र बताया। पुलिस ने उसके पास से लूटा गया गीता का पर्स, हेयर क्लेचर, 5000 रुपये और आधार कार्ड बरामद किया। पूछताछ से पता चला कि बुरी संगत में फंसने के कारण वह नशेड़ी हो गया। नशे की पूर्ति करने के लिए उसने पिछले साल मुखानी क्षेत्र में लूट की थी लेकिन पुलिस के सामने लूट का सामान वापस कर दिया। इसके बाद भी नशे की पूर्ति के लिए वह छोटी-छोटी चोरियां और लूट करता रहा।
नशे के लिए बैंक मैनेजर का बेटा बन गया लुटेरा
एक साल से कर रहा था अपराध, पर्स लूटकांड के खुलासे से सामने आया सच
नशे के चलते इंटर में हो गया फेल
हल्द्वानी। पुुलिस का कहना है कि नशे के चलते वह पढ़ाई पूरी नहीं कर सका और इंटर में फेल हो गया। परिवार के लोगों ने उसका इलाज भी कराया। फिर भी उसने नशा नहीं छोड़ा।