हल्द्वानी। प्रेम टाकीज के पास निर्माणाधीन मॉल में हादसा होने के 20 दिन बाद पुलिस की नींद टूटी। मंगलवार की दोपहर काम बंद करा दिया गया। मजदूरों को चेताया गया कि यदि काम शुरू किया गया तो एक और मुकदमा दर्ज किया जाएगा। आरोपी मॉल स्वामी और ठेकेदार धनंजय गिरी अब तक पुलिस के हाथ नहीं लग सका है।
26 दिसंबर को निर्माणाधीन मॉल की दीवार गिरने और शटरिंग के धराशायी होने से मजदूर जितेंद्र राय और प्रदीप शर्मा घायल हो गए थे। हादसे के बाद सरनाकोठी भोटिया पड़ाव निवासी हरजीत सिंह ने सुभाषनगर निवासी मॉल स्वामी और ठेकेदार धनंजय गिरी के खिलाफ धारा 336, 337, 427 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि मॉल निर्माण की खुदाई के चलते उसकी दुकान का पिछला हिस्सा गिर गया है। पड़ोस के काफी लोग दहशत में हैं।
पुलिस ने जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी लेकिन जिला प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके पहले नगर निगम ने सड़कों को क्षतिग्रस्त करने पर ठेकेदार पर 20 लाख का जुर्माना ठोका था। इधर, मॉल स्वामी ने निर्माण कार्य जारी रखा। इस मुकदमे के विवेचक भोटिया पड़ाव चौकी प्रभारी प्रताप सिंह नगरकोटी कर रहे हैं।
मॉल का काम बंद करने में 20 दिन लग गए
पुलिस को अब आई याद, घटनास्थल से छेड़छाड़ करने पर दर्ज होगा एक और मुकदमा
नोटिस पर नोटिस मगर ठेकेदार फरार
हल्द्वानी। पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए ठेकेदार को धारा 41 के तहत नोटिस दिया। फिर भी वह पुलिस के सामने नहीं आया। अब पुलिस का कहना है कि घटनास्थल से किसी को छेड़छाड़ की इजाजत नहीं दी जा सकती है। इस कारण पुलिस ने घटनास्थल सुरक्षित रखने के लिए मजदूरों से काम नहीं करने की चेतावनी दी। चौकी प्रभारी का कहना था कि मौके पर मुंशी भी नहीं मिला। इस स्थान पर कार्य करने पर घटनास्थल की स्थिति बदल सकती है।