फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शराब कारोबारी से होगी 1.84 करोड़ की रिकवरी

विज्ञापन
ट्रक से बरामद हुई शराब की पेटियों को गिनते आबकारी व वाणिज्यकर विभाग के अधिकारी। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
हल्द्वानी। शराब की दुकान लेने के बाद अधिभार की राशि जमा न करने वाले शराब कारोबारी से आबकारी विभाग 1.84 करोड़ रुपये की रिकवरी करेगा। आबकारी अधिकारियों के मुताबिक आवास विकास कॉलोनी निवासी भुवन पांडे ने मई 2017 में खैरना में देसी शराब की दुकान के लिए आवेदन किया था। नीलामी में उक्त दुकान पांडे के नाम पर छूटी। अधिकारियों के मुताबिक दुकान चलाने के बाद शराब कारोबारी पांडे ने अधिभार का करीब 1.84 करोड़ रुपये जमा नहीं किया। इसके चलते विभाग ने फरवरी 2018 में पांडे की शराब की दुकान निरस्त कर दी थी। आबकारी विभाग ने अब बकाया राशि की वसूली के लिए तहसील से मदद मांगी है। तहसीलदार पीआर आर्या ने बताया कि विभाग से शराब कारोबारी भुवन पांडे की रिकवरी फाइल तहसील को मिल चुकी है।
विज्ञापन


साल 2017 में खैरना में आवंटित हुई थी देसी शराब
हल्द्वानी। ढाई करोड़ रुपये की अवैध शराब के मालिकों के बारे में आबकारी विभाग को कई अहम जानकारियां हाथ लगी हैं। शराब के इस खेल में चार साझीदारों शामिल हैं हालांकि आबकारी विभाग के अधिकारी पटवारी की रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं।
आबकारी विभाग ने दो अगस्त को उत्तरी गौजाजाली के सेनेटरी गोदाम में छापा मारा था। इस दौरान गोदाम में 5634 पेटी अंग्रेजी, देसी शराब पकड़ी गई थी। शराब की कीमत करीब 2.50 करोड़ रुपये आंकी गई थी। आबकारी पुलिस ने गोदाम से एक चौकीदार को पकड़ा था लेकिन आबकारी विभाग उससे कुछ खास जानकारी नहीं उगलवा पाई। हाइप्रोफाइल मामले में गोदाम के मालिकाना हक की जानकारी के लिए करीब एक सप्ताह पहले आबकारी इंस्पेक्टर ने तहसीलदार को पत्र लिखा। विभाग भी इसकी जांच कर रहा था। बताया जा रहा है कि आबकारी विभाग को गोदाम के मालिक के बारे में अहम सुराग मिले हैं। बताया जा रहा है कि शराब के खेल में तीन से चार साझीदार हैं। इस मामले में एक नेता का नाम भी उछल चुका है। वह प्रदेश के एक मंत्री का खास बताया जा रहा है।
विज्ञापन


शराब माफिया को लगी 2.50 करोड़ की चपत
शराब माफिया को करीब 2.50 करोड़ रुपये की चपत लग चुकी है। भले ही शराब के मालिक सामने न आएं, लेकिन अब जब्त शराब आबकारी विभाग के पास ही रहेगी। अगर शराब पर मालिकाना हक जताने भी कोई आएगा तो उस उस पर जुर्माना भी लगाया जाएगा।

नाम सामने आने पर होगा मुकदमा
राजस्व विभाग की रिपोर्ट में जिसका भी नाम सामने आएगा उसके खिलाफ आबकारी विभाग कोर्ट में वाद दायर करेगा। इसी कारण विभाग तहसील की रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। बताया जा रहा है मालिक का नाम सामने आने पर शराब का सच भी सामने आएगा।

जांच में गोदाम मालिक, शराब के बारे में कुछ जानकारियां मिलीं हैं। तहसील से गोदाम स्वामी के बारे में रिपोर्ट मांगीं गई है। गोदाम स्वामी से पूछताछ के बाद ही शराब मालिक का नाम साफ हो जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
- महेंद्र बिष्ट, आबकारी इंस्पेक्टर

पहाड़ में बिक रही अवैध शराब, रोको : कैड़ा
भीमताल (नैनीताल)। विधायक राम सिंह कैड़ा ने जिला आबकारी विभाग से भीमताल, रामगढ़, धारी, ओखलकांडा में अवैध रूप से बेची जा रही शराब पर रोक लगाने को कहा है। प्रेसवार्ता में विधायक कैड़ा ने कहा कि आबकारी विभाग की अनदेखी के चलते पहाड़ में अवैध शराब तस्करी बढ़ी है लेकिन आबकारी विभाग अनजान बना है जो बेहद चिंता का विषय है। इस दौरान ज्येष्ठ उपप्रमुख अनिल चनौतिया, संघर्ष समिति के देवेंद्र फर्त्याल, विपिन पांडे, प्रकाश थुवाल, एबी भट्ट आदि थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें