भीमताल (नैनीताल)। गोरखपुर चौराहा स्थित ग्रीनवुड होटल के कमरे में अमेरिका के पर्यटक का सड़ा-गला शव मिलने से सनसनी मच गई। वह 30 मई से होटल में रह रहा था और पांच अगस्त से अपने कमरे से बाहर नहीं निकला था। घटना का पता देर में चलने को लापरवाही मानते हुए एएसपी हरीश चंद्र सती ने होटल को सील करने के आदेश दिए हैं।
होटल के मैनेजर अजय शर्मा ने पुलिस को बताया कि अमेरिका के न्यूयार्क निवासी स्टेफन डेनियल (66) पांच अगस्त की शाम के बाद वह कमरे से बाहर नहीं आए और न ही किसी कर्मचारी ने उनसे कोई बात की। नौ अगस्त की सुबह जब कमरा नंबर 205 से बदबू आने लगी तो उन्होंने इसकी सूचना एलआईयू और पुलिस को दी। सीओ आरएस नबियाल और एसआई जोगा सिंह मौके पर पहुंचे तो कमरा से बंद था इसलिए पुलिस ने दूसरी चाबी से कमरा खोला। कमरा खोलने पर स्टेफन डेनियल का शव बेड पर मिला। शव पर मक्खियां भनभना रहीं थीं और दुर्गंध आ रही थी। मुंह से झाग भी निकल रहा था। पुलिस ने होटल कर्मियों से भी पूछताछ की। एएसपी हरीश चंद्र सती ने बताया कि होटल प्रबंधन ने कागजी कार्रवाई तो पूरी की लेकिन समय से पुलिस को सूचना नहीं दी, इस लापरवाही पर होटल को सील करने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस ने शव सुशीला तिवारी अस्पताल के डीपफ्रिज में रखने के लिए भेजा है। एसडीएम अभिषेक रुहेला ने बताया कि विदेश मंत्रालय के निर्देश के बाद ही पोस्टमार्टम किया जाएगा।
30 मई से एक ही होटल में रह रहा था, पांच अगस्त से कमरे से बाहर नहीं निकला था
प्रबंधन की लापरवाही मानकर पुलिस ने होटल सील किया
पुलिस की आशंका, अटैक से हुई मौत
होटल मैनेजर ने पुलिस को बताया कि पांच अगस्त की शाम डेनियल ने चिकन सूप मंगाया था। चिकन सूप कमरे में रखा मिला। पुलिस को उनके कमरे से दवाइयां भी मिली हैं। होटल कर्मियों ने बताया डेनियल का इलाज चल रहा था। वह अक्सर दवाइयां खाते थे इसलिए प्रथम दृष्ट्या पुलिस अस्वस्थ होने के चलते हार्टअटैक की भी आशंका जता रही है। डेनियल का शव बेड पर पड़ा था और डेनियल की पैंट पैर में गिरी थी।
नेपाल के दूतावास में है बेटी
डेनियल का वीजा 26 जनवरी 2012 से 2022 तक था। वह 30 मई से पहले एक महीना नेपाल में भी रहकर आए थे। होटल कर्मियों ने बताया वह कहते थे कि उनकी बेटी नेपाल के दूतावास में कार्यरत है। कर्मचारियों ने पुलिस को बताया कि उनका अधिकतर समय कमरे में ही बीतता था। खाना भी कम ही मंगाते थे। वह हर साल यहां आते थे और इसकी होटल में ठहरते थे। जब भी बाहर निकलते तो बच्चों को टॉफी और चाकलेट बांटते थे।