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मेरी बीबी को दिल्ली से लाओ

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हल्द्वानी। डकैतों के हमले के बाद मौत को मात देकर निकले भुवन भट्ट को अब तक परिजनों ने यह नहीं बताया है कि उसकी पत्नी राधा अब इस दुनिया में नहीं है। उन्हें बताया गया है कि उनकी पत्नी का दिल्ली में इलाज चल रहा है। भुवन को डकैती की घटना याद नहीं है। याद है तो सिर्फ पत्नी राधा। वह बार-बार अपनी बहन और जीजा से एक ही सवाल करते हैं कि मेरी पत्नी को दिल्ली से लाओ। राधा को याद करते हुए उपकी आंखों से झर-झर आंसू बहने लगते हैं।
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परिजन अस्पताल से भुवन को डिस्चार्ज कराने के बाद बैड़ापोखरा स्थित घर लेकर नहीं गए। परिजनों को डर था कि अकेले घर में रहते हुए भुवन की देखभाल नहीं हो सकती है, इस कारण जीजा बसंत फुलेरा उन्हें अपने घर दमुवाढूंगा लेकर आए। भुवन के दाहिने हाथ में फ्रैक्चर है। दाहिना पैर भी जमीन पर सही ढंग से नहीं पड़ रहा है। फीजियोथिरेपिस्ट रोज हल्की कसरत कराने के लिए आते हैं।
बुधवार को अमर उजाला से बातचीत के दौरान भुवन ने बताया कि वह सब कुछ खाना खा रहे हैं। सिर्फ चल नहीं पा रहे हैं। दाहिनी आंख के पास पट्टी बंधी हुई है। कान का जख्म भी अभी पूरी तरह भरा नहीं है। भुवन का कहना है कि वह एक माह में चलने के काबिल बन जाएगा, तब तक उसकी पत्नी राधा भी दिल्ली से चली आएगी। उसे यह पता नहीं कि जीवन संगीनी का सदा के लिए साथ छूट गया है। परिजनों ने ढांढस बधाया है कि पत्नी डकैतों के हमले में घायल हुई थी। उसका दिल्ली में इलाज चल रहा है। परिजनों को आशंका थी कि पत्नी के बारे में सही तथ्य उजागर करने पर भुवन की हालत बिगड़ सकती है। भुवन के जीजा ने बताया कि उससे मिलने के लिए मंगलवार को ससुर जगदीश चौबे, साले उमेश चौबे देखने के लिए आए थे। ससुर और अपने जीजा से भुवन जिद कर रहा था कि मेरी बीबी को दिल्ली से लेकर आओ। ननिहाल हैड़ा गज्जर से आई बेटी अनन्या अपने पापा के साथ खेलती रही लेकिन किसी ने राधा के बारे में नहीं बताया। बुधवार को भी राधा को याद करते हुए भुवन फफक कर रो पड़ा। अपनी जीवन संगीनी के प्यार को कुरेदने पर भावुक हो गया। कुछ ही देर में दोस्तों के आने पर वह सामान्य होकर बातचीत करने लगा।
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तीन महीने में वह बच्चों को पढ़ाएगा
भुवन भट्ट ने एमकाम बीएड करने के बाद अपने दोस्त के पार्टनरशिप में गर्ल्स कालेज के पीछे कोचिंग सेंटर खोला था। भुवन का कहना था कि घायल होने पर उनके पढ़ाए कई बच्चे मिलने के लिए आए थे। बच्चों से उन्होंने वादा किया है कि वह एक माह में ठीक हो जाएंगे।

कातिलों को पकड़े पुलिस
परिजनों ने कहा कि राधा के कातिलों को पुलिस को पकड़ने का काम करना चाहिए। अब भी कातिल फरार चल रहे हैं। परिजन दो अभियुक्तों की गिरफ्तारी से संतुष्ट नही हैं। इस मामले में परिजन एसएसपी से भी मुलाकात कर अपना पक्ष रखेंगे।
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