हल्द्वानी। अब दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा कर खनन वाहन नंधौर नदी से निकासी नहीं कर पाएंगे। वन विकास निगम ने ऐसे वाहनों की नो एंट्री करने का फैसला लिया है। इस बाबत सोमवार से प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
वन निगम के नियमों के अनुसार नदी में घुसने से पूर्व वाहनों को परिवहन विभाग से रजिस्ट्रेशन नवीनीकरण कराना होता है। इसमें वन निगम से जारी फार्म में वाहन स्वामी को परिवहन विभाग से वाहन की फिटनेस, टैक्स, बीमा वगैरह को सत्यापित करना होता है। यहां से अनापत्ति मिलने के बाद ही वन निगम वाहन को नदी से आरबीएम निकासी की अनुमति देता है। हाल ही में वन निगम ने 349 वाहनों की सूची परिवहन विभाग को दी थी। इसमें से 300 वाहन ऐसे पाए गए जिनके फिटनेस, टैक्स, बीमा वगैरह जमा नहीं था। इसके बाद फर्जीवाड़ा का खुलासा हुआ था। इस फर्जीवाड़े पर वन निगम सख्त हो गया है। अधिकारियों ने तय किया है कि अगले दो-तीन दिनों में नंधौर नदी के तीनों गेट कड़ापानी, कड़ापानी-1, एमवीआर गेट पर सभी वाहनों की सूची चस्पा की जाएगी। इसमें वाहन स्वामियों को हफ्ते-10 दिन की मोहलत दी जाएगी। यदि इस अवधि में वाहन स्वामी दस्तावेजों में सुधार नहीं करता है तो नदी में प्रवेश पर पाबंदी लगाई जाएगी। यानी वह नदी से आरबीएम निकासी नहीं कर पाएगा। फिलहाल वन निगम परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ रणनीति बना रहा है।
सोम-मंगल को वाहनों की सूची गेटों पर चस्पा की जाएगी। सभी वाहनों को हफ्ता दो हफ्ता की मोहलत दी जाएगी। यदि दस्तावेज ठीक नहीं किए गए तो नदी में प्रवेश पर रोक लगाई जाएगी।
- पीएस बोहरा, डीएलएम नंधौर, वन विकास निगम