हल्द्वानी। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने दुष्कर्म मामले में सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाया। अदालत ने दुष्कर्म और धमकी देने के मामले में अभियुक्त को सात साल की सजा और 25 हजार अर्थदंड से दंडित किया है।
एडीजीसी नवीन चंद्र जोशी के अनुसार 10 मार्च 2017 को युवती ने बनभूलपुरा थाने में धारा 376, 506 के तहत मुबारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। युवती का आरोप था कि एक साल पहले उसके घर मुबारक उर्फ मुबारक अली आया था। निकाह करने का झांसा देकर उसने दुष्कर्म किया। जाते समय धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो परिवार को मार डालेगा। इस बीच युवती का गर्भ ठहर गया। परिजनों ने अपनी इज्जत बताने के लिए मुबारक पर क्षेत्रीय लोगों के साथ काफी दबाव बनाया लेकिन उसने निकाह करने से मना कर दिया। इसके बाद युवती ने मुबारक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। मुकदमे की विवेचना उपनिरीक्षक श्वेता नेगी ने की। इस बीच युवती ने बच्चे को जन्म दिया। उसने कलमबंद बयान में प्राथमिकी के तथ्यों का समर्थन किया। अदालत ने सुनवाई के बाद मुबारक को दुष्कर्म और युवती को धमकी देने का दोषी पाया। अदालत ने धारा 376 के तहत सात वर्ष का कारावास और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास दुष्कर्मी को भुगतना होगा। धारा 506 के तहत दो वर्ष का कारावास और पांच हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
दुष्कर्मी को सात साल की सजा, 25 हजार अर्थदंड
निकाह का झांसा देकर दुष्कर्म करने और धमकी देने का मामला
पीड़िता को 20 हजार खर्च करने का अधिकार
अदालत ने दुष्कर्म पीड़िता को अर्थदंड की धनराशि में 20 हजार रुपये खर्च करने का अधिकार प्रदान किया। इसके अलावा फैसले की प्रति उत्तराखंड अपराध पीड़ित सहायता योजना 2013 के तहत आर्थिक सहायता पीड़िता को दिलाने का आदेश दिया। फैसले की एक प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को दी जाएगी ताकि पीड़िता की मदद की जा सके।