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एसटीएच से कूदने वाला मरीज गंभीर

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Accident - फोटो : अमर उजाला
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हल्द्वानी। सुशीला तिवारी अस्पताल में तीसरी मंजिल से छलांग लगाने वाले मरीज की जान खतरे में है। मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए अस्पताल ने शुक्रवार को हायर सेंटर रेफर कर दिया। मरीज की देखरेख में लापरवाही बरतने के मामले में अस्पताल प्रबंधन सवालों के घेरे में है। उधर, जिलाधिकारी विनोद कुमार सुमन ने बताया कि इस मामले की मजिस्ट्रेटी जांच कराई जाएगी। मरीज और उसके परिजन समेत अन्य सभी पहलुओं पर जांच की जाएगी।
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एसटीएच में शांतिपुरी निवासी एक युवक की आंत का ऑपरेशन हुआ था। शुक्रवार को वह अस्पताल में तीसरे माले से कूद गया था। घायल के रीढ़ की हड्डी, कूल्हे में फैक्चर है। साथ ही सिर में खून के थक्के जम गए हैं। शुक्रवार दोपहर उसे अस्पताल प्रबंधन ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। परिजनों ने उसे विवेकानंद हॉस्पिटल में भर्ती कराया है। सूत्रों की मानें तो युवक को ऑपरेशन के कुछ समय बाद आईसीयू के बगल में बने प्री वार्ड में रखा गया था। बताते हैं कि प्री वार्ड में उसके साथ अभद्रता हुई और वो भाग गया। आहत युवक ने तीन मंजिल से छलांग लगा दी थी। उसे एनस्थीसिया आईसीयू में रखा गया।
विवेकानंद हॉस्पिटल के प्रबंध निदेशक और वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ. महेश शर्मा ने बताया कि मरीज के कूल्हे और रीढ़ की हड्डी में दिक्कत है और उसके दिमाग में खून के थक्के जमे हुए हैं। साथ ही आंत के आपरेशन के कारण उसके पेट में पस है। उसकी जान को खतरा है। बताया कि एसटीएच से मरीज के एक्सरे नहीं दिए गए हैं और उसके हाथ में भी फैक्चर है। उधर, मेडिकल चौकी इंचार्ज राजेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार की आधी रात मरीज के तीन मंजिल से कूदने की जानकारी अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें दी थी।
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डीएम ने दिए मजिस्ट्रेटी जांच के निर्देश
एसटीएच प्रबंधन की लापरवाही के कारण आईसीयू से निकल गया था मरीज
कूल्हे और सिर में है गंभीर चोट, निजी अस्पताल ले गए परिजन

ये हैं सवाल
= मामले को दबाने में क्यों लगा रहा एसटीएच प्रबंधन।
= न्यूरो सर्जन न होने के बाद भी हायर सेंटर क्यों रिफर नहीं किया।
= मीडिया की जानकारी में आने के बाद देर रात पुलिस को दी सूचना। घटना के तुरंत बाद पुलिस को सूचना क्यों नहीं दी।
= मरीज को अस्पताल से भेजते समय उसके एक्स रे क्यों नहीं दिए गए।
= अस्पताल के अंदर नशे की सामग्री कैसे पहुंच गई।
= डाक्टर समेत सात से आठ लोगों का स्टाफ होता है और वो क्या कर रहा था।
= प्राचार्य के बुलाने पर सर्जरी करने वाले डाक्टर पहुंचे।
= अगर मरीज के साथ कोई अनहोनी होती है तो उसका जिम्मेदार कौन होगा।

मरीज नशे का आदी था और नशे के कारण ही तीन मंजिल से कूद गया। परिजन रात में मरीज को ले जाने को तैयार नहीं थे। आज मरीज को हायर सेंटर रेफर किया गया है।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कालेज
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