हल्द्वानी। व्यापारी कुश बख्शी के हत्यारोपी रिटायर्ड सैन्यकर्मी मोहन सिंह रावत के पास बंदूक का लाइसेंस नहीं मिला है। इस कारण कोतवाली पुलिस ने 30 आर्म्स एक्ट के तहत एक और धारा बढ़ा दी है। लाइसेंस के संदर्भ में जानकारी हासिल करने के लिए कोतवाली पुलिस ने डीएम को पत्र भेज दिया है।
हत्याकांड के विवेचक कोतवाल केआर पांडे ने बताया कि गिरफ्तार मोहन सिंह रावत से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसकी बंदूक लाइसेंसी है लेकिन उसके पास लाइसेंस के कागजात नहीं मिले। कागजात नहीं दिखाने पर पुलिस ने उसे अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया। लाइसेंस के बारे में स्पष्ट जानकारी लेने के लिए कोतवाल ने जिलाधिकारी कार्यालय को अनुरोध पत्र भेजा है। उसके कब्जे से बरामद बंदूक की बैलेस्टिक जांच के लिए देहरादून भेजा जाएगा। मौके से बरामद व्यवसायी के खून आदि को जांच के लिए विधि विज्ञान प्रयोगशाला भेजा जाएगा। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने हत्यारोपी पर कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी कर ली है। इस मामले में मौके पर मौजूद लोगों का बयान लिया जाएगा। हत्यारोपी के खिलाफ घटना के बाद धारा 302 के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस विवेचना कर रही है।
लाइसेंस न मिलने पर पुलिस ने बढ़ाई 30 आर्म्स एक्ट की धारा
बैलेस्टिक जांच के लिए दून भेजी जाएगी बंदूक