नैनीताल। निजी स्कूल में पढ़ाने वाली शिक्षिका को ‘ढाई अक्षर प्रेम के’ भा गए। तीन जुलाई से लापता शिक्षिका शुक्रवार सुबह अचानक अपने प्रेमी के साथ तल्लीताल थाने पहुंच गई। उसने परिजनों की ओर से दर्ज करवाए गए अपहरण के मुकदमे को खारिज करते हुए कहा कि उसे अब प्रेमी के साथ ही रहना है। इस पुलिस ने शिक्षिका को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने बालिग होने के कारण शिक्षिका को प्रेमी के साथ रहने के लिए स्वतंत्र कर दिया।
तीन जुलाई को एक निजी स्कूल में पढ़ाने वाली युवती घर से लापता हो गई थी। परिजनों ने तल्लीताल थाने में हरिनगर तल्लीताल निवासी अमन सहदेव, नकुल सहदेव और काठबांस तल्लीताल निवासी अरविंद कुमार के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी के परिवार वालों से पूछताछ की। पुलिस युवती को बरामद करने का प्रयास कर रही थी कि शुक्रवार सुबह वह खुद ही प्रेमी अमन सहदेव के साथ थाने पहुंच गई। युवती ने कहा कि वह बालिग है और उसे अपनी मर्जी से जीवन जीने का अधिकार है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लेकर युवती के बयान कोर्ट में करवाए। कोर्ट ने युवती के बालिग होने की बात कहते हुए उसे स्वतंत्र छोड़ दिया। एसओ तल्लीताल राहुल राठी ने बताया कि युवती ने परिजनों के लिखाए मुकदमे का समर्थन नहीं किया है। ऐसे में मुकदमा बलहीन साबित हुआ।