हल्द्वानी। राधा हत्याकांड में एसओजी की टीम नौ कंपनियों के हजारों नंबरों को सर्विलांस के जरिये खंगाल चुकी है लेकिन कातिलों का कोई सुराग नहीं लग सका है। इधर पुलिस की टीमें स्थानीय गिरोह और छमार गिरोह के लोगों से पूछताछ कर रही है।
बैड़ापोखरा निवासी कोचिंग संचालक भुवन चंद्र भट्ट के घर हुई डकैती और उनकी के मामले में पुलिस चार दिनों से अपराधियों की तलाश कर रही है। पुलिस छमार गैंग पर निगाह रखने के लिए मुरादाबाद, रामपुर और बरेली का चक्कर लगा चुकी है। इस मामले में शहर के 50 पुराने चोर और लुटेरों से पूछताछ कर चुकी है। कुछ लोगों ने संदेह जताया कि इस मामले में राजपुरा गड्ढा मोहल्ले के लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने रविवार को मलिन बस्ती में छापा मारकर छह लोगों को पकड़ा। पुलिस संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की एक टीम करीबियों पर नजर रख रही है। एसओजी की टीम ने नौ कंपनियों के हजारों की संख्या के नंबरों को पंचायतघर के टावर से उठाया है। एसओजी की टीम रात दिन 18 घंटे काम कर रही है। हजारों नंबरों की जांच में परिणाम कुछ नहीं निकला है। पुलिस पांच जून को रात 11 से एक बजकर 40 मिनट तक के नंबरों को खंगाल रही है। एसपी सिटी अमित श्रीवास्तव और सीओ दिनेश चंद्र ढौडियाल ने बताया कि प्रतिदिन पुलिस टीमों के प्रगति का जायजा लिया जा रहा है।
खतरनाक है छमार गिरोह
काठगोदाम थानाध्यक्ष कमाल हसन के अनुसार छमार गिरोह कुछ लोगों का कहना है कि छमार तीन लोगों को मारकर सगाई करते हैं। छह लोगों को मारकर ही शादी करते हैं। लूट और डकैती की घटना के दौरान छमार गिरोह किसी पर हमला कर खून अवश्य गिराता है। बावरिया गिरोह ईंट या डंडों से हमला करता है।
कोचिंग संचालक को नहीं आया होश
हल्द्वानी। बृजलाल अस्पताल में भर्ती कोचिंग संचालक भुवन चंद्र भट्ट की हालत 72 घंटे बाद भी गंभीर बनी हुई है। भुवन कभी-कभी अपनी पलकें खोल रहे हैं। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अजय पाल का कहना है कि अभी मरीज की हालत गंभीर बनी हुई है। भुवन को सघन चिकित्सा कक्ष में रखा गया है।