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कांग्रेसी नेता व होटल व्यवसायी ने गोली मारकर की आत्महत्या

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रामनगर के युवक कांग्रेस नेता ने आत्महत्या की - फोटो : अमर उजाला
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रामनगर (नैनीताल)। कांग्रेस से जुड़े होटल व्यवसायी कपिल रावत ने स्मृति वन फाइकस गार्डन में कार के अंदर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली लगने से उसका भेजा उड़ गया। खुदकुशी का कारण पारिवारिक कलह बताया जा रहा है।
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किशनपुर पांडे गांव कानिया निवासी आनंद सिंह रावत के 33 वषीय बेटे कपिल रावत होटल कारोबार से जुडे़ थे। बताया जा रहा है कि पारिवारिक कलह के चलते वह पांच-छह दिनों से डिप्रेशन में थे। वह रात कभी-कभी घर नहीं जाते थे। हाल ही में वह अहमदाबाद से लौटे थे। दोस्तों के अनुसार वह बताया करते थे कि आए दिन के झगड़ों से वह परेशान हैं। रविवार सुबह करीब 11:27 बजे के आसपास उन्होंने ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी को फोन कर मिलने की बात कही थी। संजय ने उन्हें अपने घर बुलाया लेकिन वह आईटेन कार यूके 04एस 8326 से फाइकस गार्डन पहुंचे और 11:45 बजे अपने पिता को फोन किया। मां से बात की। कहा कि अब तुम आराम से रहना, तुम्हें कोई परेशान नहीं करेगा। इसके बाद उसने 12 बोर के तमंचे से खुद की कनपटी पर गोली मार दी। कोसी पुल का निर्माण कर रही वशिष्ठा कंपनी के साइट इंजीनियर रोहित सिंह कुदैर ने पुलिस को सूचना देकर बताया कि कालाढूंगी से लौटते समय दोपहर करीब 12 बजे कार में एक व्यक्ति मृत मिला है।

कांग्रेस से भी जुड़े थे, पारिवारिक कलह से कई दिनों से डिप्रेशन में थे
कार के अंदर 12 बोर के तमंचे से कनपटी पर मारी गोली

दो बेटी और एक बेटा है
कांग्रेसी नेता की 54 वर्षीय मां रमा देवी, पत्नी प्रभा देवी, दस वर्षीय पुत्री रितिका, आठ वर्षीय पुत्री माही, पांच वर्षीय बेटा उमंग है। विवाहित बहन कविता करनाल हरियाणा में रहती है।
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पत्नी ने भी की आत्महत्या की कोशिश
कांग्रेसी नेता कपिल के आत्महत्या की सूचना पर पत्नी प्रभा भी घटनास्थल पर पहुंचीं लेकिन उनके बदहवास होने के कारण परिजनों ने उन्हें घर भेज दिया। घर पहुंचते ही प्रभा ने जहर खाकर आत्महत्या की कोशिश की लेकिन घर में मौजूद अन्य महिलाओं ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया। उनके बेहोश होने पर डॉक्टर को घर में बुलाकर उनका इलाज कराया गया।

मुझे ही गोली मार देता, तू तो बच जाता : मां
पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही कपिल का शव घर पहुंचा तो उनकी मां रमा देवी दहाड़ मारकर रोने लगी और कहने लगी कि तू मुझे ही गोली मार देता, तू तो बच जाता। इकलौता लड़का भी नहीं रहा तो मैं जीकर क्या करूंगी। घर में टेंट लगा है, मेरे कपिल की बारात आई है। इसी बीच होने पर महिलाओं ने उन्हें पानी पिलाकर सांत्वना दी।

सीओ ने लिया घटना स्थल का निरीक्षण
आत्महत्या की सूचना पर सीओ लोकजीत सिंह ने मौका मुआयना किया। कोतवाली विक्रम सिंह राठौर ने बताया कि कपिल ने डिप्रेशन के चलते आत्महत्या की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस दौरान एसएसआई कश्मीर सिंह, एसआई इंद्रजीत सिंह भी थे।

दोस्तों से कहा, अपने मोबाइल से मेरा नंबर डिलीट कर देना
दोस्तों को गुमराह न करता तो बच जाती जान
रामनगर। आत्महत्या करने पहले कपिल ने कई दोस्तों को फोन किया। कहा कि अब तुम अपने मोबाइल से मेरा नंबर डिलीट कर देना, क्योंकि अब वह आखिरी बार बात कर रहा है। ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि सुबह जब कपिल ने फोन किया था तो उन्होंने कपिल की निगरानी के लिए गौरव बंगारी, गोपाल अधिकारी को घर के बाहर खड़ा कर दिया था, लेकिन वह नहीं आया। जब गोपाल ने उसे फोन किया तो उसने बताया कि वह पीरूमदारा की ओर जा रहा था इसलिए दोनों उसे खोजने पीरूमदारा की ओर चल दिए। यदि वह दोस्तों को गुमराह नहीं करता तो शायद वह बच जाता। पत्नी को डॉक्टर के पास ले जाने के लिए उसने शनिवार रात ही साथी युवक कांग्रेस विधानसभा क्षेत्र अध्यक्ष गोपाल अधिकारी से कार मांगी थी। तब से कार उसी के पास थी।

परिवार से था नाराज, दोस्तों से कहा, तुम करना अंतिम संस्कार
ब्लॉक प्रमुख संजय नेगी ने बताया कि कपिल अपने परिजनों से नाराज था इसलिए आत्महत्या से पहले उसने मैसेज किया कि मेरी चिता को तुम या गोपू, गौरव आग देगा। उसकी अंतिम इच्छा के अनुसार श्मशान घाट में उसके दोस्त गोपाल, गौरव, सुरेश घुघतियाल, ललित नेगी, चचेरे भाई जसवंत रावत ने मुखाग्नि दी। कपिल की मौत से जहां पूरा परिवार सन्न था लेकिन उसके तीनों बच्चे अनभिज्ञ थे। दस वर्षीय बेटी रितिका तो कुछ समझ रही थी, लेकिन आठ वर्षीय माही, पांच वर्षीय बेटा उमंग अनजान थे।

पहले भी की थी आत्महत्या की कोशिश
ब्लॉक प्रमुख संजय ने बताया कि डेढ़ साल पहले भी पारिवारिक विवाद के चलते कपिल ने एक होटल में नशे की ओवरडोज लेकर आत्महत्या की कोशिश की थी लेकिन तब उसने होटल के स्टाफ से कहा कि उसके पास कोई न आए लेकिन तब इसका पता चलते ही दोस्तों की मदद से उसे होटल से निकालकर काशीपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया, जहां पर वेंटिलेटर सुविधा मिलने से वह बच गया था लेकिन इस बार वह भी उसे बचा नहीं सके।

जिसने भी सुना वह घटनास्थल की ओर दौड़ा
हरफनमौला कपिल दोस्तों का दोस्त था और धार्मिक प्रवृत्ति का था। उसके इसी व्यवहार से लोग कायल थे। इसलिए सूचना मिलते ही लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े। उन्हें कपिल के आत्महत्या करने की सूचना पर विश्वास नहीं हो रहा था कि वह ऐसा भी कर सकता है।
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