कालागढ़ में सुखास्रोत नदी में आया वर्षा का पानी
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नैनीताल। कमिश्नर राजीव रौतेला ने बारिश का पानी छतों से सीवर लाइन में डालने वालों का पेयजल कनेक्शन काटने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बारिश का पानी नालों से होकर नैनी झील में आना चाहिए न कि सीवर के जरिए बाहर जाए। कमिश्नर ने बृहस्पतिवार को नैनीझील के संरक्षण, संवर्द्धन को लेकर विशेषज्ञों के साथ बैठक की। बैठक में कहा गया कि नैनीझील में वर्षभर जलस्तर बनाए रखने के लिए सूखाताल पुनरोद्धार किया जाए। झील के आसपास के वेटलैंड चिह्नित करने, चाल-खाल के माध्यम से वर्षाजल बचाया जाए। ताकि वर्षभर धीरे-धीरे पानी डिस्चार्ज होकर नैनीझील में आए और नैनीझील का जलस्तर बना रहे। कमिश्नर ने सचिव विकास प्राधिकरण को निर्देश दिए कि वे सूखाताल क्षेत्र की वर्तमान स्टेटस वीडियोग्राफी कराई जाए। बैठक में प्रो. पीआर ओजस्वी, प्रो. पीके पांडे, प्रो. सीसी पंत ने बताया कि नैनीझील की गहराई नापने के लिए वैथेमैटिक सर्वे की गई। इसमें पाया गया कि शेर का डांडा आदि क्षेत्रों से नालों से मलबा झील में गिरने से करीब 1.6 मीटर गहराई कम हुई है। इस पर आयुक्त ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सभी नालों में मलबा, कूड़ा रोकने के लिए कैचपिट बनाएं।