गरुड़ (बागेश्वर)। गोमती नदी में मानकों को ताख पर रखकर कपकोट की एक कंपनी जेसीबी, पोकलेन मशीन से रात-दिन खनन करने से जवाहर नवोदय विद्यालय सहित बमराड़ी, सिमार आदि गांवों खतरे की जद में आ सकते हैं। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण, बमराड़ी के किसानों ने डीएम से खनन पर शीघ्र रोक लगाने की मांग की है। गोमती नदी में बमराड़ी, हरिद्वारछीना के बीच में रिवर ट्रेनिंग के जिला प्रशासन ने कपकोट के एक उद्योगपति को खनन की निविदा दो माह पूर्व स्वीकृत की थी। पूर्व विधायक ललित फर्स्वाण ने नदी में मानकों के तहत खनन न होने पर नाराजगी जताई है। डीएम से अवैध खनन पर शीघ्र रोक लगाने की मांग की है। डीएम को भेजे पत्र में फर्स्वाण ने कहा है कि है कि अवैध खनन से जवाहर नवोदय विद्यालय, बमराड़ी, सिमार गांव को खतरा हो सकता है। बमराड़ी, सिमार गांव के किसानों का कहना है कि नदी में मानकों की अनदेखी हो रही है। नदी के बड़े भूभाग में अनियोजित ढंग से खनन होने से सिमार, बमराड़ी गांव के ग्रामीणों का पशुओं को नदी में पानी पिलाने ले जाने वाले मार्ग बंद हो गए हैं। डीएम बागेश्वर रंजना राजगुरु का कहना है कि जांच में मानकों तहत खनन नहीं पाया गया तो खनन अनुज्ञापी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।