खटीमा में रिश्वतखोरी के मामले में अब तक नौ अधिकारी और कर्मचारी सीबीआई और सतर्कता टीम की पकड़ में आ चुके हैं। इसमें सबसे बड़े अधिकारियों में सीबीआई ने आय कर अधिकारी, विजिलेंस ने असिस्टेंट कमिश्नर, तहसीलदार और कस्टम इंस्पेक्टर को पकड़ा है। सीबीआई अब तक दो मामलों में यहां बड़ी कार्रवाई कर चुकी है।
रिश्वतखोरी के मामले में सबसे पहला मामला तहसीलदार अरविंद कुमार सिंह का था, जिसे चौधरी सुदेश पाल सिंह ने 25 हजार रुपये रिश्वत लेते सतर्कता टीम के हाथों पकड़वाया था। इसके बाद तहसीलदार के पेशकार सतपाल, पटवारी सुरेश लोहनी राजस्व विभाग के पकड़े गए थे।
विजिलेंस की पकड़ में बिक्री कर के असिस्टेंट कमिश्नर एसएस रावत को सितारगंज के एक व्यापारी ने रुपये लेते पकड़ा था। लोनिवि के जेेेई सीएस रौतेला को एक सड़क का बिल पास कराने के लिए रिश्वत लेते विजिलेंस ने पकड़ा था।
विकास खंड के ग्राम विकास अधिकारी यशपाल गंगवार इंदिरा आवास के एवज में पांच हजार रुपये रिश्वत लेते जमौर में पकड़ा गया था। सीबीआई ने आय कर के अधिकारी एके सिंह को एक लाख रुपये डॉ. कश्मीर सिंह महरोक से लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह दूसरा मामला है जब सीबीआई ने कस्टम इंस्पेक्टर अनिल कुमार शर्मा और सिपाही लल्लन खान को गिरफ्तार किया है।