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आठ दिन बाद भी दीपक के हत्यारों का पता नहीं

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सितारगंज/नानकमत्ता। सात वर्षीय मासूम दीपक विश्वास की हत्या के मामले में आठ दिन बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। हालांकि मामले के खुलासे के लिए पुलिस की छह टीमें जांच में जुटी हुई हैं।
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प्रतापपुर नंबर चार निवासी लाल सिंह विश्वास के पुत्र दीपक (7) की बीते रविवार को हत्या कर उसका शव बोरे में बंद कर गेहूं के खेत में फेंक दिया गया था। मामले के खुलासे के लिए एसएसपी डॉ. सदानंद दाते के साथ ही जिले के तमाम आला अफसरान जुटे हैं। इसके लिए छह टीमें भी गठित की गई हैं, लेकिन आठ दिन बीतने के बाद भी मासूम के हत्यारों को पकड़ना तो दूर पुलिस हत्या के कारणों का पता भी नहीं लगा पाई है।

पुलिस की लचर प्रणाली के चलते लोगों में पुलिस के प्रति अब आक्रोश पनपने लगा है। थानाध्यक्ष अशोक कुमार ने बताया कि मासूम दीपक की हत्या में कई बिंदुओं पर जांच की जा रही है। पुलिस की टीम गांव में जादू दिखाने आए हरियाणा निवासी जादूगर की तलाश में हरियाणा गई हुई है। टीम के लौटने के बाद ही जांच की प्रगति की समीक्षा होगी।
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संजू हत्याकांड की तरह तो नहीं बन जाएगा दीपक हत्याकांड
पुलिस की लचर कार्य प्रणाली को देखते हुए लोग चर्चा करने लगे हैं कि कहीं दीपक हत्याकांड रहस्य बनकर ही न रह जाए। बता दें कि दो वर्ष पहले सरेशाम ज्वैलर्स संजू रस्तोगी की गोली मारकर हत्या की गई थी, जिसका खुलासा पुलिस आज तक नहीं कर पाई है।

इसके अलावा करीब 10 दिन पहले ग्राम नगला निवासी मनोज सिंह राणा (46) पुत्र कलासेन राणा की पांच दिन की गुमशुदगी के बाद संदिग्ध परिस्थितियों में मिले शव की गुत्थी भी पुलिस अभी तक नहीं सुलझा पाई है।
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