नैनीताल। सरोवर नगरी में दो सगी बेटियों ने अपनी वृद्ध मां को दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर कर दिया है। बेटियों के इस रूखे व्यवहार से निराश वृद्धा को पड़ोसी महिला ने अपने घर सहारा दिया है।
स्नोव्यू क्षेत्र के बिनतोला भवन में किराये पर रह रही 80 वर्षीय बुजुर्ग पार्वती भट्ट लंबे समय से दर-दर भटकने को मजबूर हैं। वे यहां किराए के कमरे में रह रही हैं। पिछले दिनों पार्वती भट्ट की व्यथा को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया तो यह मामला सुर्खियों में आया। बुधवार को पार्वती भट्ट अपनी पड़ोसी महिलाओं के साथ मल्लीताल कोतवाली पहुंचीं। पार्वती भट्ट ने पुलिस को बताया कि उनके पति का काफी समय पहले निधन हो चुका है और उनकी दो पुत्रियां हैं। क पुत्री नैनीताल के स्नोव्यू क्षेत्र में और दूसरी हल्द्वानी स्थित ब्लाक क्षेत्र में रहती है। वृद्धा का कहना था कि इन पुत्रियों के अलावा उसका कोई नहीं है। आरोप लगाया कि शारीरिक अक्षमता के कारण उसकी पुत्रियों ने उसे घर से निकाल दिया है। यदि वह अपनी बेटियों के पास जाती है तो उसका उत्पीड़न किया जाता है।
वृद्धा की व्यथा सुनने के बाद कोतवाली प्रभारी विपिन चंद्र पंत ने दोनों पुत्रियों को कोतवाली बुलाकर जमकर लताड़ा। कोतवाल के समझाने पर वृद्धा तो बेटियों के साथ जाने के लिए तैयार हो गई लेकिन बेटियों ने मां को अपने साथ रखने से इंकार कर दिया। इस पर वृद्धा के साथ आईं महिलाओं और बेटियों में तकरार हो गई। वृद्धा का कहना था कि नैनीताल में रहने वाली उसकी बेटी ने उसे एक माह पहले रात के अंधेरे में घर से बाहर निकाल दिया था। तब पड़ोस में रहने वाली बिंतोला भवन निवासी तुलसी बिष्ट ने अपने यहां शरण दी थी।
बेटियों ने मां पर लगाए आरोप
वृद्धा की बेटियों ने कोतवाल को बताया कि उनकी मां उन पर आए दिन गलत आरोप लगाती रहती हैं। इस वजह से घर में हमेशा क्लेश रहता है। यदि उनकी मां उनके साथ सही से रहें तो उन्हें अपने साथ रखने में कोई ऐतराज नहीं है। दोनों ही पक्षों को समझाने के कई प्रयास हुए लेकिन बात नहीं बनी। अंत में कोतवाल ने दोनों बेटियों को हिदायत दी कि वे अपनी मां का स्वास्थ्य खराब होने पर देखभाल करेंगी। दोनों बेटियों ने पुलिस को लिखित में दिया कि जरूरत पड़ने पर वह मां की देखभाल करेंगी और मां की संपत्ति में उनका कोई हिस्सा नहीं होगा। दोनों बेटियों ने कहा कि यदि मां किसी अन्य महिला के साथ रहना चाहती है तो उन्हें किसी तरह की आपत्ति नहीं है। लिखित पत्र मिलने के बाद कोतवाल ने वृद्धा को बिंतोला भवन निवासी पड़ोसी तुलसी बिष्ट के सुपुर्द कर दिया।