हल्द्वानी/बिंदुखत्ता (नैनीताल)। बौड़खत्ता में नरभक्षी बाघ को पकड़ने के लिए वन विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। बाघ को पकड़ने के लिए संवेदनशील स्थानों में तीन पिंजरे लगाए गए हैं। साथ ही ग्रामीणों को जंगल में न जाने की अपील की गई है।
वनग्राम बौड़खत्ता निवासी कुंदन सिंह बेलवाल की पत्नी लछिमा देवी 26 जनवरी को तराई पूर्वी वन प्रभाग के डॉली रेंज में घास काटने गई थी। वहां उसे बाघ ने मार दिया था। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने डीएफओ नीतिश मणि त्रिपाठी और विधायक नवीन दुम्का का घेराव किया था। इस पर बाघ को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने की अनुमति मांगी थी। इधर एसडीओ ध्रुव सिंह मर्तोलिया के नेतृत्व में डॉली रेंजर अनिल जोशी ने बौड़खत्ता के पास तीन पिंजरे लगाए हैं। उन्होंने ग्रामीणों को जंगल न जाने और जरूरी काम होने पर समूह में ही जाने की सलाह दी है। उधर, ग्रामीणों में नरभक्षी बाघ के गांव की ओर आने के चलते दहशत व्याप्त है। उनका कहना है कि यदि जल्द से जल्द नरभक्षी बाघ पिंजरे में नहीं फंसा तो वह पुन: हमला कर सकता है।