हल्द्वानी। हिम्मतपुर मल्ला में किराए के मकान में रह रहे पशु चिकित्सक नंद किशोर ने मंगलवार की शाम फांसी का फंदा लगाकर जान दे दी। बताया जा रहा है कि शराब पीने पर पत्नी ने विरोध किया तो डॉक्टर ने बच्चों को कमरे से बाहर धकेला और फांसी लगा ली। घर वालों ने दरवाजा तोड़कर शव बाहर निकाला।
बरेली के बिशारतगंज निवासी 40 वर्षीय नंद किशोर शाहजहांपुर में पशु चिकित्सक के पद पर तैनात थे। उन्होंने यहां हिम्मतपुर मल्ला में सागर प्रधान के मकान में तीन साल पहले कमरा किराये पर लेकर बच्चों को शिफ्ट किया था। बताया जा रहा है कि मंगलवार की शाम पत्नी ममता से उनका शराब पीने को लेकर विवाद हो गया। इसके बाद उन्होंने दो बच्चों मिन्नी (11) और कृष्णा (08) को कमरे से जबरदस्ती निकाला और खुद को बंद कर दिया। पत्नी कुछ देर बाद वहां पहुंची तो बच्चों ने बताया कि पापा ने अंदर से कमरा बंद कर लिया है। आवाज देने पर अंदर से कोई जवाब नहीं मिला तो बच्चे शोर मचाने लगे। इस बीच पड़ोस के लोग भी आ गए। लोगों ने दरवाजा तोड़ दिया। डॉक्टर की गर्दन पंखे से लटक रही थी। घर वाले उन्हें रात में ही बेस अस्पताल ले गए लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। नंद किशोर के डाक्टर के पांच बच्चे हैं। बच्चों का कहना था कि पापा के शराब पीने को लेकर मां से उनका झगड़ा होता रहता था। मुखानी पुलिस ने पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉक्टर के भाई सुरेश और साढू कमल भी मोर्चरी पहुंचे।
बच्चों की पढ़ाई के लिए लिया था कमरा
भाई सुरेश और अन्य परिजनों ने बताया कि नंद किशोर ने बच्चों को अच्छी शिक्षा दिलाने के लिए हल्द्वानी में कमरा लिया था लेकिन आत्महत्या कर उन्होंने खुद के ही सपनों को चकनाचूर कर दिया। पांचों बच्चों में काजल (17), प्रियंका (16), अरुण (14), मिन्नी (11), कृष्णा (08) का रोते-रोते बुरा हाल हो गया है। पत्नी ममता ने भी नहीं सोचा था कि पति इस तरह चले जाएंगे। परिजनों का कहना है कि वेतन मिलने के बाद डॉक्टर खूब शराब पीते थे। पत्नी इसके लिए मना करती थी लेकिन वह किसी की नहीं सुनते थे।