सितारगंज। दहेजलोभी ससुरालियों ने विवाहिता के दहेज की मांग की। दहेज में बुलेट बाइक और 20 लाख रुपये न लाने विवाहिता को पीटकर घर से निकाल दिया गया। ससुरालियों पर बेटे की चाहत में गर्भ में पल रहे बच्चे का गर्भपात कराने का भी आरोप है। पीड़िता ने कोतवाली पहुंचकर एसएसपी के सामने अपना दुखड़ा रोया।
वार्ड तीन शक्तिफार्म की विवाहिता शनिवार को कोतवाली पहुंची। यहां एसएसपी डॉ. सदानंद दाते को विवाहिता ने अपने पति, सास, ससुर, मौसेरी सास, ससुर एवं देवर के खिलाफ तहरीर दी। बताया कि 23 फरवरी 2012 को उसका विवाह बरा गांव के युवक से हिंदू रीति रिवाज से हुआ था। माता-पिता ने सामर्थ्य के अनुसार दान-दहेज भी दिया। आरोप लगाया कि शादी के दो माह बाद से ही ससुरालियों द्वारा दहेज के लिए उसके साथ मारपीट की जाने लगी। दहेज में बुलेट बाइक लाने का दबाव बनाते हैं। पहली पुत्री चार वर्षीया अनुष्का के जन्म के बाद उससे 20 लाख रुपये लाने को कहा गया। विरोध किया तो गालियां दीं। कई बार जलाकर मारने की भी कोशिश की। इसके बाद दूसरी बेटी आस्था हुई। वह नौ माह की है। पति द्वारा कहा जाता है कि उन्हें बेटा चाहिए था लेकिन, पैदा बेटियां हुईं। आरोप लगाया कि ससुरालियों ने दवाई खिलाकर उसका गर्भपात भी करा दिया। कहा कि अब ससुराली उसकी दोनों पुत्रियों को जान से मारना चाहते हैं। वह 13 जून को दोनों बेटियों को लेकर मायके चली आई। आरोप है कि एक जुलाई को ससुराली उसके मायके आ धमके और उसके, परिवार के साथ गालीगलौज, मारपीट की। उसने एसएसपी से न्याय की गुहार लगाई। एसएसपी डॉ. सदानंद दाते ने एएसपी देवेंद्र पिंचा को मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि बेटियों की सुरक्षा की जाए।
दहेजलोभी ससुरालियों की प्रताड़ना से तंग विवाहिता कोतवाली पहुंची
एसएसपी से मिलकर गुहार लगाई
पुलिस को दो बेटियों की सुरक्षा के निर्देश दिए