लालकुआं (नैनीताल)। भूमाफिया ने सरकारी कागजातों में गड़बड़ी कर हल्दूचौड़ दीना डी क्लास स्थित लगभग साढ़े आठ करोड़ रुपये की 17 बीघा जमीन हड़प ली। अनुसूचित जाति का भूस्वामी दो साल तक पुलिस, तहसील के चक्कर काटता रहा लेकिन अब डीआईजी के निर्देश पर कोतवाली पुलिस ने 17 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन आरोपियों में एक ग्राम प्रधान समेत स्कूल के प्रबंधक भी शामिल हैं।
हल्दूचौड़ दीना डी क्लास निवासी चनी राम ने छह सितंबर 2016 को डीजीपी को शिकायती पत्र भेजा। बताया कि कुछ माफिया ने उसकी 17 बीघा भूमि में कब्जा किया है। अभिलेखों में हेरफेर कर खतौनी में भी अपना नाम दर्ज करवा लिया है, जबकि जमीन चनीराम की पैतृक संपत्ति है। आरोपियों के खिलाफ दर-दर की ठोकरें खाने के बावजूद कोई सुनवाई न होने पर उसने डीजीपी से गुहार लगाई। इसके बाद भूमि विवाद संबंधी की तहरीर एसआईटी नैनीताल को सौंपी गई। इस पर एसआईटी प्रभारी निरीक्षक नरेश चंद एवं एसआई सुभाष टम्टा ने जांच शुरू की। करीब एक वर्ष तक चली जांच के दौरान तमाम गवाहों के बयान दर्ज किए। पर्याप्त साक्ष्य जुटाने कर एसआईटी ने डीआईजी कुमाऊं को विस्तृत रिपोर्ट सौंप दी। इस पर डीआईजी ने लालकुआं कोतवाली को मामले में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश करने के निर्देश दिए। डीआईजी के निर्देशों के बाद कोतवाली पुलिस ने बृहस्पतिवार की शाम चनी राम की तहरीर के आधार पर 17 लोगों के विरुद्ध धारा 420, 467, 468, 471, अनुसूचित जाति एवं जनजाति अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। इनमें ग्राम प्रधान बीडी खोलिया, स्कूल प्रबंधक राजेंद्र पांडे, हरिदत्त भट्ट, बंशीधर नैनवाल, बाला दत्त नैनवाल, चंद्रा बिष्ट, किरण भट्ट, दीप चंद्र भट्ट, खीमानंद भट्ट, प्रयाग दत्त, कैलाश चंद्र, मोहन चंद्र, गिरीश, पार्वती देवी, कैलाश चंद्र, पदमा देवी, आनंदी देवी आदि थे। अब पीड़ित को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। कोतवाल रवि कुमार सैनी का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर दिया गया है। साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम प्रधान, स्कूल प्रबंधक समेत 17 लोग नामजद
दीना डी क्लास में है साढ़े आठ करोड़ रुपये की 17 बीघा जमीन