सितारगंज। युवा किसान अपहरण कांड के मामले में परिजनों का धैर्य जवाब देने लगा है। पुलिस द्वारा मोहिद के स्वयं घर से चले जाने की आशंका जताने पर परिजनों ने आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि मोहिद स्वयं घर से नहीं गया, बल्कि उसका अपहरण किया गया है। पुलिस घटना का खुलासा करने के बजाय मामले को उलझा रही है।
तीन अगस्त को बरुआबाग गांव के युवा फार्मर अब्दुल मोहिद का कार सवार कुछ लोगों ने अपहरण कर लिया था। इसके बाद से पुलिस मोहिद को खोजने में जुटी है। रविवार को पुलिस द्वारा मोहिद के नेपाल सीमा पर एसएसबी के जवानों द्वारा देखे जाने और घटना में उसके स्वयं घर से चले जाने की शंका जाहिर करने पर बुधवार को मोहिद के परिजनों ने आक्रोश जताया। बहनोई अनीसउर्रहमान ने बताया कि मोहिद के अपहरण के दौरान न तो उसके पास मोबाइल था, न कार और न ही रुपये। उसके बैंक की पासबुक, चेकबुक, एटीएम सभी कमरे पर मौजूद हैं। मोबाइल और पिस्टल भी कमरे में ही है और वह टी-शर्ट और लोवर में घर से अपहृत हुआ। घटना के बाद से न तो उसके बैंक खातों से कोई रकम निकली है और न कहीं किसी से कोई लेनदेन किया। ऐसे में नेपाल सीमा पर मोहिद को देखा जाना अफवाह लगता है। आरोप लगाया कि पुलिस केस को उलझाने के लिए तरह-तरह की कहानी गढ़ रही है। कहा कि अगर, जल्द ही अपहृत मोहिद बरामद नहीं हुआ तो परिवार के लोग आंदोलन करेंगे।